
जांजगीर-चांपा. शासन शिक्षाकर्मियों के वेतन व्यवस्था समय पर मिले इसके लिए तमाम प्रकार के प्रयास कर व्यवस्था को दुरूस्त करने की कवायद में लगी है, लेकिन जिले व विकासखण्ड के अधिकारी शासन की व्यवस्था की हवा निकालने में लगे है। इससे आए दिन शासन व सरकार को शिक्षाकर्मियों के आक्रोश का सामना करना पड़ता है।
जिले के अकलतरा विकासखण्ड के नौ सौ शिक्षाकर्मियों को माह के पखवाड़े भर बाद भी वेतन नही मिला हैए जबकि माह के पांच तारीख तक वेतन का भुगतान करने की शासन की हिदायत है। शिक्षाकर्मियों को समय पर वेतन नहीं मिलने की सबसे बड़ी वजह विकासखण्ड अकलतरा का बीइओ कार्यालय है, जहां के बाबू जिस काम में बाहरी कमाई मिलेगी, उसी काम मे रूचि दिखाते है।
इसका ताजा उदाहरण अभी हाल मे फार्म सोलह के लिए पैसे लेकर कर्मचारियो को वितरण करने के मामले में सामने आया था। इसके बाद आफिस में काम कर रहे आपरेटर को जोगी कांग्रेस के धरने के बाद आनन-फानन में हटाया गया। जाहिर है बिना अधिकारी की शह के इतना बड़ा काम कार्यालय में नही हो सकता। यही वजह है कि जहां हर दो साल में सभी जगह के बीईओ की अदला बदली हुई, लेकिन अकलतरा बीईओ हर बार अपनी कुर्सी बचाने मे सफल हुआ है, जिससे उसके हौसले बढ़े हुए हैं। वही दूसरी ओर अधिकारी के खुले संरक्षण में कार्यालय के बाबू छोटी-छोटी बातों को लेकर शिक्षाकर्मियों से पैसे वसूलने में लगे हैं।
यही वजह है की शिक्षाकर्मियों को तय समय में ना ही वेतन नसीब होता है और ना ही शिक्षाकर्मियों के अवकाश प्रकरण व एरियर्स इत्यादि का भुगतान समय पर हो पाता है। जाहिर है शिक्षाकर्मियों की समस्याएं अकलतरा ब्लॉक में बढ़ती ही जा रही है, जिसका उपाय किसी के पास नहीं दिख रहा है।
माह के अंत में बिल लगाने का आदेश
आबंटन पर्याप्त होने पर प्रत्येक माह के अंत में कोषालय में बिल लगाने का शासन से स्पष्ट आदेश के बाद भी अकलतरा विकासखण्ड में माह के दस से बारह तारीख के बाद ही शिक्षाकर्मियों का बिल देयक जनपद में जमा किया जाता है, जिससे वेतन खातों तक पहुंचने में विलम्ब होता है, लेकिन इस संबंध में उच्च कार्यालय द्वारा किसी प्रकार का संज्ञान नहीं लेना समझ से परे है।
Published on:
12 Apr 2018 06:23 pm
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