
पालिका को नींद से जगाने वार्डवासी करेंगे आंदोलन, इस वजह से आक्रोशित हैं क्षेत्र के लोग
जांजगीर-चांपा. शहर के दूसरे सबसे बड़े जूना तालाब अपने बदहाली पर आंसू बहा रहा है। तालाब के चारों ओर गंदगी व पानी का रंग बदलकर हरा हो गया। जिससे वार्डवासी खुजली के अलावा कई बीमारी के चपेट में आ रहे है। बावजूद पालिका इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। जिससे वार्डवासी अपने कड़ा रूख अपनाते हुए जल आंदोलन करने की ठानी हैं। इसका विधिवत आवेदन पालिका को दिया जा चुका है। जल आंदोलन के तहत चक्काजाम भी किया जा सकता है।
शहर का दूसरा सबसे बड़ा तालाब नैला की जूना तालाब है, जो अपने बदहाली में आंसू बहा रहा है। यहां आसपास बड़ी संख्या में लोग निस्तारी करते हैं लेकिन तालाब का पानी पूरा गहरा हरा हो गया है। इससे नहाने में खुजली हो रही है। बीमारी के चपेट में आ रहे हैं। तालाब का पानी गंदगी के चलते हरा हो गया है। इन्हीं तालाबों में वार्डों के सैकड़ों लोगों की निस्तारी हो रही है। नहाने वाले अनेक लोग खुजली या अन्य जलजनित बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं।
जूना तालाब वार्ड चार के आसपास के मोहल्लेवासी पार्षद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पालिका को सफाई के आवेदन कर चुके है। लेकिन पालिका है कि गंभीर नींद से जाग ही नहीं रही है। उसको शहर की व्यवस्था बनाने के बारे में फुर्सत ही नहीं है। चाहे लोग बीमार पड़े या कुछ और हो जाए पालिका को इनसे कोई लेना देना नहीं है। तभी तो पार्षद सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी माह भर पहले पहुंचे थे। लेकिन आज तक सफाई नहीं कराया जा सका है। जिससे अब पार्षद सहित वार्डवासी उग्र रूप अपनाने की सोच रहे हैं। वार्डवासी अब जल सत्याग्रह करने की बात कह रहे हैं। इसके तहत जल की सफाई को लेकर वार्डवासियों को आंदोलन करना पड़ रहा है। जिसमें वे पानी में डूबे रहेंगे, इसके बाद भी बात नहीं बनी तो चक्काजाम करने की बात कही गई है।
क्या कहते है वार्डवासी
वार्डवासी संदीप शर्मा, शिवनारायण राठौर, रेवती बाई, यशोदा बाई, दिलहरण, दिनेश चौहान का कहना है कि हम लोगों के पास निस्तारी के लिए एकमात्र साधन यही तालाब है। इसका पानी गहरा हरा हो गया है। जिससे नहाने में खुजली व कई बीमारी के चपेट में आ जा रहे हंै। अभी नहर चल रहा हैं इस पानी को साफ कर दूसरा अच्छा पानी नहर के माध्यम से भरा जा सकता है। पालिका को कई बार लिखित व मौखिक में आवेदन दे चुके है। बावजूद वे हैं इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहे है। इसलिए हम लोगों आंदोलन करने के लिए बाध्य हैं।
Updated on:
09 May 2019 07:30 pm
Published on:
09 May 2019 07:27 pm
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