
पीडि़त नर्सिंग छात्रों ने कहा, कालेज प्रबंधन अपनी अडिय़ल रवैये से बाज नहीं आया तो करेंगे खुदकुशी, पढि़ए पूरी खबर...
जांजगीर-चांपा। नर्सिंग कोर्स कंप्लीट होने के बाद नर्सिंग काउंसिल में पंजीयन के लिए सूर्या नर्सिंग कालेज प्रबंधन छात्रों से ३० हजार रुपए फीस मांग रहा। जिसका विरोध करते हुए गुरुवार को कॉलेज के सामने नर्सिंग छात्रों ने जमकर प्रदर्शन किया। छात्र कालेज में तालाबंदी की योजना बना रहे थे, लेकिन ऐन वक्त पर छात्रों के आक्रमता को देखते हुए कालेज के प्राचार्य ने पुलिस बल बुला लिया।
इसके चलते छात्र तालाबंदी नहीं कर पाए। छात्र देर शाम तक कालेज के बाहर धरना प्रदर्शन करते रहे, लेकिन कालेज प्रबंधन की तानाशाही के सामने छात्रों की एक न चली। आखिरकार छात्र बेबस नजर आए। छात्रों के साथ उनके अभिभावक भी पुलिस व कालेज प्रबंधन के सामने विनती करता रहा, लेकिन शाम तक नतीजा सिफर रहा।
दरअसल नर्सिंग छात्रों का तीन साल का कोर्स पूरा होने के बाद नर्सिंग काउसिंलिंग में पंजीयन होना है। इसके लिए कालेज छात्रों को अनुमति देता है। अमूमन प्रदेश के अन्य कालेजों में ३० हजार रुपए फीस नहीं ली जाती, लेकिन सूर्या नर्सिंग कालेज प्रबंधन ३० हजार रुपए फीस अदा करने के बाद ही लेटर आगे भेजने की जिद में अड़ा है। वहीं कालेज के छात्र भी इतनी फीस देने असमर्थता जता रहे हैं। आखिरकार दोनों पक्षों में पेंच अड़ गया है। इसके चलते छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।
सैकड़ो छात्र कोर्स करने के बाद इस नाम से परेशान हैं क्योंकि उनकी पढ़ाई बेकाम हो जाएगी। इतना ही नहीं चार साल की पढ़ाई में किया गया खर्च पानी में डूब जाएगा। इसे लेकर वे लगातार दो माह से आंदोलन करते आ रहे हैं, लेकिन उनकी आंदोलन की सुनवाई नहीं हो पा रही है। क्योंकि छात्र इससे पहले कलेक्टर, एसडीएम सहित अन्य अफसरों से अपनी दुखड़ा सुना रहे हैं। अफसर केवल हीलाहवाला कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि कालेज प्रबंधन की तानाशाही चरम स्थिति में है।
नहीं तो करेंगे खुदकुशी
पीडि़त नर्सिंग छात्रों का कहना है कि यदि कालेज प्रबंधन अपनी अडिय़ल रवैये से बाज नहीं आया तो वे खुदकुशी करने मजबूर होंगे। चार साल बर्बाद करने के बाद भी उन्हें पंजीयन के लिए कागज नहीं बढ़ाने से उनका भविष्य अंधकारमय हो चुका है। इस बीच उनका चार साल बर्बाद भी हो गया। ऐसे में उनके सामने केवल खुदकुशी की राह बच गई है। छात्रों का कहना है कि यह कोर्स के बजाए कोई दूसरा कोर्स करते तो उनका भविष्य शायद बन भी जाता, लेकिन चार साल में सूर्या नर्सिंग कालेज को चार लाख रुपए देने के बाद भी उनका मार्कशीट सहित अन्य कागजात उन्हें नहीं दे रहा। इसके चलते उन्हें खुदकुशी के अलावा कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा।
कोर्स कंप्लीट होने के बाद नर्सिंग काउंसिल में पंजीयन के लिए ३० हजार रुपए का फीस अनिवार्य कर दिया गया है। फीस मिलने के बाद ही लेटर आगे फार्वड किया जाएगा। छात्र चाहे कुछ भी करें इससे हमें कोई सरोकार नहीं है। सूर्य प्रकाश, प्राचार्य, सूर्या नर्सिंग कालेज
Published on:
02 Aug 2018 08:53 pm
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