
sunsan sadak
इसके बाद अंतिम पांच एक दिन को छोड़ दिया जाए तो पारा ४० डिग्री सेल्सियय से कम हुआ ही नहीं। भीषण गर्मी ने न केवल मनुष्य बल्कि पशु-पक्षियों को भी परेशान किया। नवतपा की विदाई की बेला में गुरुवार का अधिकतम तापमान ४६ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सूरज उगते ही तेज धूप और गर्म हवा चलने लगी। दोपहर में तो सूरज आग उगलने लगा। गली-मोहल्ले, बाजार, सरकारी दफ्तर, मुख्य सड़कें सूनी रहीं। वहीं दिनभर गर्म हवा के थपेड़ों ने लू का अहसास कराया। नगर में सुबह आठ बजे से ही गर्म हवा चलने लगी। गुरुवार को नौतपा का आखिरी दिन था। वैसे इस बार नौतपा पहला, दूसरा व चौथे दिन शाम को अंधड़ से बारिश हुई, इसलिए तापमान में थोड़ा गिरावट हुआ। छठवें दिन भी थोड़ी राहत मिली। उसके बाद सांतवे दिन से सूर्य फिर तपने लगा। सूर्य की किरणें सीधी पृथ्वी पर पडऩे के कारण लोग गर्मी से बेचैन होते रहे। मौसम विभाग की माने तो मानसून २९ मई को केरल में दस्तक दे दी है। इसी तरह सक्रिय रहा तो १५-१६ जून तक जिले में मानसून सक्रिय हो जाएगा। बारिश के बाद लोगों को गर्मी से तो राहत तो मिलेगी, साथ ही पीने के पानी की समस्या से भी मुक्ति मिल जाएगी। नौतपा के समापन के दिन गुरुवार को सूरज ने फिर से अपना रौद्र रूप दिखाया। आसमान से बरसती आग के कारण दोपहर को नगर में अघोषित रूप से कफ्र्यू जैसा माहौल था। सड़कें पूरी तरह से वीरान हो गई थीं। जानलेवा गर्मी से बचने लोग छाया तलाशते रहे। गर्म हवा और चिपचिपी गर्मी से राहत पाने लोग पंखा-कूलर का सहारा लेते रहे, लेकिन गर्मी इतनी थी कि पंखा-कूलर एक प्रकार से फेल हो गए थे। बावजूद गर्म हवा के लोग काफी परेशान रहे। देर रात तक उमस ने लोगों को परेशान किया।
पशु-पक्षी भी हलाकान
शहर में बुधवार के गुरुवार को गर्मी का रौद्र रूप दिखा। नौतपा की गर्मी का असर इंसानों पर ही नहीं पशु-पक्षियों पर भी पड़ रहा है। सुबह-सुबह तेज गर्मी पडऩे की वजह से घर आंगन में नजर आने वाले गौरेया, कौआ जैसे पक्षी भी नजर नहीं आते। पालतू जानवर गाय, भैंस, भैंसा व कुत्ते भी जहां-तहां तालाब पोखरों में पानी देखते ही गर्मी मिटाने के लिए घंटो बैठे रहते हैं। आवारा पशु प्यास से भटकते रहते हैं। उन्हें जहंा भी पानी मिले पीने लगते हैं। सार्वजनिक नल खुला चल रहा होता है, वहां टोटी से ही अपनी प्यास बुझाने लगते हंै।
अच्छी बारिश की उम्मीद
पिछले तीन-चार वर्षों से जैसे ही नौतपा लगता था, बदली छा जाती थी और बारिश होती थी और मानसून आते आसमान फिर खुल जाता था और फिर गर्मी पडऩे लगती थी। दो साल पहले पर्याप्त बारिश नहीं होने कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ा था। बारिश के अभाव में फसल प्रभावित हुई थी, जिसका सीधा असर फसल के उत्पादन पर पड़ा था। लोगों का मानना है कि गर्मी जितनी तेज पड़ती है, उतनी ही अच्छी बारिश होती है। इसी वजह से इस वर्ष बारिश अच्छी होने की उम्मीद की जा रही है।
नवतपा के तापमान पर एक नजर
तिथि तापमान
२५ मई ३७.६
२६ मई ३६.०
२७ मई ३९.०
२८ मई ३९.९
२९ मई ४०.२
३० मई ४३.८
३१ मई ३८.०
१ जून ४३.४
२ जून ४६.२
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Published on:
02 Jun 2022 09:27 pm
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