
हर रोज लाखों का टर्नओवर, इसके बाद भी सिर्फ एक कर्मचारी के भरोसे कैनरा बैंक
जांजगीर-चांपा. बम्हनीडीह के अंतिम छोर में बसे ग्राम पंचायत चोरिया में कैनरा बैंक की एक शाखा संचालित हो रही है। दो कमरों के इस बैंक में न तो सेटअप के अनुसार कर्मचारी हैं और न ही बैंक में जरूरी संसाधन। ग्रामीणों की शिकायत पर पत्रिका ने बुधवार को जब बैंक की रिपोर्टिंग की तब चौकाने वाले तथ्य सामने आए। बैंक में एक क्लर्क काम निपटा रहा था।
बैंक में न तो प्रबंधक था और न ही कोई अन्य कर्मचारी। यहां केवल एक क्लर्क सारे कामों को हैंडल कर रहा था। वहीं बैंक में दर्जनों ग्राहकों की भीड़ थी। क्लर्क का कहना था कि शाखा प्रबंधक कैश लेने चांपा गए हुए हैं। वहीं अन्य एक कर्मचारी की नियुक्ति है उसका पता नहीं था। ऐसे में 1200 खाताधारकों का काम केवल एक कर्मचारी ही हैंडल कर रहा था। जबकि यहां हर रोज लाखों रुपए का टर्न ओवर है।
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एक ओर हर रोज कहीं न कहीं बैंक में डकैती की घटनाएं आम होती जा रही है तो वहीं चोरिया में एक ऐसा भी बैंक है जिसे प्रबंधन ने एक कर्मचारी के भरोसे छोड़ दिया है। आपको बता दें कि चोरिया गांव में कैनरा बैंक की एक ऐसी शाखा है जिसमें सेटअप के अनुसार केवल तीन कर्मचारियों की नियुक्ति दी गई है। हद तो तब हो गई जब तीन में से दो कर्मचारी किसी जरूरी काम से चांपा गए थे।
बुधवार को केवल एक क्लर्क के भरोसे बैंक था। खास बात यह है कि यहां आए दिन केवल एक कर्मचारी के भरोसे बैंक का काम काज निपटाया जाता है। कभी कभी सैकड़ों उपभोक्ताओं की भीड़ टूट पड़ती है तब एक कर्मचारियों को सारे के सारे काम करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एक कर्मचारी बारी-बारी से सभी ग्राहकों का काम निपटाता है। इसके कई उपभोक्ताओं को अपनी बारी का इंतजार करते शाम हो जाता है। निराश होकर वापस घर भी लौटना पड़ जाता है।
बैंक में न सीसी कैमरा न ही इमरजेंसी बेल
कायदे के अनुसार बैंक में सीसी कैमरा सबसे जरूरी है। ताकि ग्राहकों की तस्वीर कैमरे में कैद की जा सके। केवल तंग दो कमरे में बैंक संचालित किया जा रहा है। दो कमरों में दो काउंटर बनाए गए हैं। जिसमें सारे काम संचालित हो रहा है। ऐसे में यदि कोई बदमाश बदमाशी भी कर दे तो बैंक वालों के पास कोई आधार ही नहीं रहेगा। यहां कभी भी किसी तरह की अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।
-बैंक में सेटअप के अनुसार केवल तीन कर्मचारियों की ही नियुक्ति है। इसमें एक कर्मचारी को कैश लेन-देन के लिए चांपा आना-जाना पड़ता है। ऐसे में एक कर्मचारी के द्वारा ही बैंक का काम-काज निपटाना पड़ता है। भूपेश नायक, ब्रांच मैनेजर
Published on:
30 Jan 2020 05:47 pm
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