
गरीबों के अटल आवास का लाभ अमीरों को
जांजगीर-चांपा. जनपद पंचायतों के माध्यम से अमीरों को और अमीर एवं गरीबों को और गरीब बनाने का मामला कोई नया नहीं है। पंचायतों में पात्र हितग्राहियों को अपात्र बनाना तो आम बात हो गई है। गरीबों के प्रधानमंत्री अटल आवास योजना का लाभ ग्राम पंचायत पदाधिकारियों के द्वारा अमीरों को दिया जा रहा है।
जिले में इसका जीता जागता उदाहरण जनपद पंचायत जैजैपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत किकिरदा का है। शिकायतकर्ता मनीराम मनहर पिता पुनीत राम एवं माता फूलबाई के अनुसार मनीराम मनहर के नाम पर स्वीकृत अटल आवास का लाभ पंचायत सचिव सीताराम कर्ष ने किसी दूसरे मनीराम खुंटे को पहुंचा दिया है।
इतना ही गलत तरीके से बैंक खाता में तीन किश्त की राशि को भी जारी कर दिया गया है। राशि आहरण करके मकान भी बनाया गया है। जबकि मनीराम खुंटे का नाम सर्वे सूची में नहीं है। यहां पर ध्यान देने वाली बात यह है कि मनीराम मनहर के पिता एवं माता के नाम और मनीराम खूटे के पिता एवं माता के नाम बहुत ज्यादा अलग-अलग है। शिकायतकर्ता मनीराम मनहर का नाम पीएम अटल आवास आवंटन एसईसीसी सूची 2011 में दर्ज है।
लेकिन मनीराम खुंटे पिता महेत्तर माता बहारतीनबाई का नाम सर्वे सूची में है ही नहीं है। आवास मित्र सेतराम साहु चिस्दा की मिलीभगत से योजना का गलत तरीके से क्रियान्वन किया है। शासन की राशि का अपने तरीके से उपयोग किया है। अगर शिकायतकर्ता व ग्रामीणों की माने तो पंचायत सचिव सीताराम कर्ष एक ही परिवार के 6 सदस्यों के नाम पर अटल आवास स्वीकृत करवा दिया है।
उसके बावजूद भी पंचायत सचिव ने योजना का कूटरचना करके मनमर्जी गलत तरीके से अपने चहेतों को लाभ देकर शासन को लाखों करोड़ों रुपयों का चूना लगाया है। और जिले के अधिकारियों की लापरवाही से सचिव का दबंगई के साथ गुंडाराज यहां कायम है। गरीबों को आवास देने की बजाय ट्रैक्टर, बोलेरो, स्कारपियो और पक्के मकान के मालिकों को भी अटल आवास का लाभ दिलवाया गया है।
जानकारी नहीं
इस संबंध में मुझे कोई भी प्रकार की जानकारी नहीं है । नहीं कभी मैं सचिव का कोई काम किया हूं । पंचायत का सभी कार्य सचिव स्वयं करते हैं । सचिव बेवजह मुझे फंसाने की कोशिश कर रह हैं।
-नरेश बंजारे, पंच प्रतिनिधि
Published on:
06 May 2018 06:03 pm
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