18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अधिवक्ताओं ने अपने विभिन्न मांगों को लेकर जिला कोर्ट में किया प्रदर्शन, जानें अधिवक्ताओं की क्या है 10 मांगें

- तहसील कार्यालय व जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय में अधिवक्ताओं के हड़ताल से सन्नाटा पसरा रहा

2 min read
Google source verification
अधिवक्ताओं ने अपने विभिन्न मांगों को लेकर जिला कोर्ट में किया प्रदर्शन, जानें अधिवक्ताओं की क्या है 10 मांगें

अधिवक्ताओं ने अपने विभिन्न मांगों को लेकर जिला कोर्ट में किया प्रदर्शन, जानें अधिवक्ताओं की क्या है 10 मांगें

जांजगीर-चांपा. एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, अधिवक्ताओं व उनके आश्रितों का 20 लाख रुपए का बीमा, बेहतर अस्पतालों में मुफ्त सुविधा सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। कोर्ट के शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करते हुए दोपहर 2 बजे प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया।

जिला अधिवक्ता के बैनर तले जिले के अधिवक्ता 10 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें देशभर के अधिवक्ताओं को हितार्थ योजनाएं लागू करने के लिए धरना प्रदर्शन किया गया। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नरेश शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में एक मार्च 2014 को देशभर के अधिवक्ताओं के हित के लिए कई योजनाएं लागू करने की बात कही थी, जिसके परिपालन में भारतीय विधिज्ञ परिषद द्वारा समय-समय पर प्रधानमंत्री एवं विधि मंत्री को अधिवक्ताओं द्वारा ज्ञापन दिया गया था।

इसी क्रम में 22 जनवरी को भी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू किए जाने के लिए प्रधानमंत्री को पुन: ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद जिले भर के अधिवक्ता 12 फरवरी को काम बंद रखकर प्रधानमंत्री के नाम पर कलेक्टर के अनुपस्थित में अपर कलेक्टर एके श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा गया।

Read More : आंगनबाड़ी सुपरवाइजर के घर में पेट्रोल छिड़ककर लगाई गई आग, मां समेत दो बच्चे झुलसे

तहसील व जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय में पसरा सन्नाट
तहसील कार्यालय व जिला एवं सत्र न्यायाधीश कार्यालय में अधिवक्ताओं के हड़ताल से सन्नाटा पसरा रहा। तहसील आफिस में कई काम लेकर पहुंचे लोगों का काम नहीं हो सका। जमीन की रजिस्ट्री, निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य जो अधिवक्ताओं के माध्यम से ही होता है। इसके लिए लोगों को भटकना पड़ा। पूरे दिन कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा।

यह है प्रमुख 10 मांगें
- अधिवक्ताओं को परिवार आश्रित के लिए 20 लाख रुपए का बीमा
- अधिवक्ताओं को अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा प्रदान करना
- 5 वर्ष से कम अनुभव वाले अधिवक्ताओं को 10 हजार प्रतिमाह का स्टायफंड
- वृद्ध एवं निर्धन अधिवक्ताओं को असामयिक मृत्यु पर 50 हजार रुपए प्रतिमाह फैमिली पेंशन सुविधा
- संरक्षण के लिए अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम अधिनियमित किया जाना
- अधिवक्ता संघ के लिए भवन, निवास, बैठक व्यवस्था ई-लाइब्रेरी सहित अन्य सुविधा
- ब्याज मुक्त होम लोन, याइब्रेरी लोन, वाहन लोन सहित अन्य सुविधा
- विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम में संसोधन
- सक्षम अधिवक्ताओं की भी नियुक्ति उच्च पदों पर किया जाए
- दुर्घटना, बीमारी सहित अन्य कारणों से मृत्यु होने पर आश्रितों को 50 लाख रुपए का अनुदान