
जांजगीर-चांपा. जिले में गुंडे बदमाशों व हिस्ट्रीशीटरों की फेहरिस्त बड़ी लंबी होती जा रही है। चुनाव के मद्देनजर पुलिस इनकी फाइल खंगालनी शुरू कर दी है। जिले में 100 से अधिक गुंडे बदमाश हैं जो चुनाव में रानीनितिक समीकरण बिगाड़ सकते हैं, जिसके चलते पुलिस ऐसे लोगों पर लगाम लगाने के लिए अभी से फाइल खंगालना शुरू कर दी है।
जिले के पुलिसिया रिकार्ड में 100 सबसे अधिक हिस्ट्रीशीटर हैं, सबसे अधिक चांपा 15 लोगों की सूची है, तो वहीं दूसरे क्रम में जांजगीर में नामी गिरामी गुंडे बदमाशों की सूची है। जिसमें तीन से चार ऐसे दबंग हैं जो कभी भी किसी भी वक्त बड़ी वारदात को अंजाम देने में कोई कसर नहीं छोड़ते। सबसे कम जैजैपुर में एक हिस्ट्रीसीटर हैं। इन बदमाशों में कई लोगों का नाम जिला बदर की कार्रवाई के लिए फाइल कलेक्टोरेट भेजी गई है, लेकिन कलेक्टोरेट में इनकी फाइल दबी हुई है। चुनाव में ऐसे लोगों से निपटना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा।
रसूखदारों की फौज
जिले में ऐसे दर्जनों रसूखदार हिस्ट्रीशीटर हैं जो अपने दबंगई के चलते कोई नेतागीरी कर रहा है तो ठेकेदारी। कई हिस्ट्रीशीटर ऐसे भी हैं जो चोरी छिपे नेताओं के संरक्षण में काले कारोबार में भी संलिप्त हैं। पुलिस इनका रिकार्ड तब खंगालती है जब चुनाव का दौर आता है।
हालांकि बड़े शहरों की तरह जांजगीर-चांपा जिले में बहुत बड़े हिस्ट्रीशीटर नहीं हैं, फिर भी 107 में 25 फीसदी हिस्ट्रीशीटर रसूखदारों की श्रेणी में गिने जाते हैं। जांजगीर थाना क्षेत्र में सारागांव निवासी रसूखदार धर्मेंद्र राठौर और हरियाली बार के संचालक प्रकाश राठौर उर्फ दऊवा राठौर का पहले क्रम में है। इनके खिलाफ आए दिन गंभीर मारपीट की वारदात को अंजाम की रिपोर्ट पुलिस रिकार्ड में दर्ज है।
जिला बदर के लिए भेजा एक दर्जन की लिस्ट
पुलिसिया रिकार्ड को देखा जाए तो पुलिस गुंडे बदमाशों की लिस्ट आए दिन खंगालते रहती है। खासकर चुनाव, होली या किसी भी लॉ .एंड. आर्डर की स्थिति से निपटने इन पर विशेष नजर गड़ाए रहती है। इसके अलावा पीएचक्यू के निर्देशन में ऐसे लोगों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई के लिए कलेक्टोरेट में नाम भेजा जाता है। फिलहाल जिले के 19 थानों में एक दर्जन गुंडे बदमाशों की लिस्ट जिला बदर के लिए कलेक्टोरेट भेजी गई है। फिलहाल इनकी फाइल कलेक्टोरेट में दबी हुई है।
इसलिए पड़ता है नाम हिस्ट्रीशीटर
मारपीट, लूट, चोरी, डकैती बलवा जैसे गंभीर अपराध लगातार तीन से अधिक बार करने पर इनका नाम पुलिस रिकार्ड के गुंडा लिस्ट में दर्ज हो जाता है। इसके अलावा प्रतिबंधित धाराओं के तहत या बड़ी घटना की वारदात को अंजाम देने वालों का नाम भी हिस्ट्रीशीटर की लिस्ट में दर्ज हो जाती है। पुलिस ऐसे अपराधियों पर पैनी नजर रखती है। आदतन अपराधियों द्वारा लगातार कोई घटना की जाती है तब उनका नाम जिला बदर के लिए कलेक्टोरेट भेजा जाता है।
जांजगीर थाना क्षेत्र के बदमाशों की सूची
- धर्मेंद्र पिता दरबार सिंह राठौर शंकर नगर जांजगीर
- प्रकाश उर्फ दऊवा पिता हरिशंकर राठौर अकलतरा रोड जांजगीर
- बांके बिहारी पिता रामहरि ठाकुर खड़पड़ी पारा जांजगीर
- घनश्याम पिता कीमन दास वैष्णव बिरगहनी
- संडू उर्फ प्रदीप पिता डाकेश्वर तिवारी भीमा तालाब जांजगीर
- सुभाष सूर्यवंशी पिता पिता नारायण बनारी
- तेरस यादव पिता घनश्याम लछनपुर
- प्रदीप उर्फ गदक पिता धनसाय खोखसा
- विष्णु सूर्यवंशी पिता बुदुराम खोखरा
- दुर्गेश राठौर उर्फ नान्हू पिता शिवशंकर केरा रोड
कहां कितने गुंडे बदमाश
जांजगीर-10, चांपा-15, सक्ती-7, बाराद्वार-5, चंद्रपुर-6, जैजैपुर-1, मालखरौदा-4, डभरा-12, अकलतरा-8, बलौदा-4, शिवरीनारायण- 9, नवागढ़-4, बम्हनीडीह -4, सारागांव-10, मुलमुला-1, हसौद -1, बिर्रा- 0, नगरदा-1, पामगढ़-5
-पुलिस के द्वारा संबंधित थाना क्षेत्र में कोई लगातार अपराधों में संलिप्त रहता है, उसका नाम हिस्ट्रीशीटर लिस्ट में डाला जाता है। संबंधित थाना क्षेत्र के प्रभारियों द्वारा ऐसे लोगों का नाम जिला बदर के लिए कलेक्टोरेट भेजा जाता है। चुनाव, होली लॉ-एंड-आर्डर जैसे कई वोकेशन में इन पर पुलिस की पैनी नजर रहती है- जितेंद्र चंद्राकर एसडीओपी जांजगीर
Published on:
08 Apr 2018 02:01 pm
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