
जांजगीर-चांपा. जिस प्याज को छिलने व काटने से आंसू निकलती है, उस प्याज की कीमत सुनकर ही अब आंसू निकलने लगे हैं। करीब महीने भर में ही प्याज की कीमत दो गुनी से भी ज्यादा हो गई है। प्याज की बढ़ती कीमत के पीछे मुनाफाखोरों का हाथ बताया जा रहा है। महाराष्ट्र के प्याज उत्पादक क्षेत्र में आई बाढ़ के कारण बड़े व्यापारी अभी से जमाखोरी में लग गए हैं।
इस जमाखोरी से फिलहाल प्याज की कीमतें आसमान छू रही हैं। दाम सुनकर ही लोग दांतों तले उंगली दबा रहे हैं। हाल यह है कि पिछले दो दिनों की गिरावट के बाद फिर से प्याज के दाम 200 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गए हैं। प्याज अब 2700 रुपए प्रति क्विंटल पहुंच गई है।
बात चिल्लर मार्केट की करें तो प्याज 30 से बढ़कर 35 रुपए किलो बिक रही है। होटलों-रेस्तरां में भी प्याज सोच-समझकर परोसी जा रही है। व्यापारिक सूत्रों का कहना है कि ऊपरी बाजार में इन दिनों प्याज की जबरदस्त जमाखोरी हो रही है, जबकि आवक सामान्य हो गई है।
समझा जा रहा है कि प्याज के दाम अभी और बढ़ेंगे। बताया जा रहा है कि आवक नियमित होने के बाद भी बुधवार को प्याज थोक बाजार में 2700 रुपए प्रति क्विंटल तक बिका। कारोबारियों का कहना है कि आवक में किसी भी प्रकार से कोई समस्या नहीं है,
लेकिन ऊपरी बाजार में ही टैक्स का हवाला देने के साथ महाराष्ट्र में बाढ़ की स्थिति के चलते इस वर्ष कम उत्पादकता के कारण कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। कारोबारियों की माने तो आने वाले दिनों में त्योहार होने के कारण प्याज की कीमतें आसमान छू सकती हैं। इन दिनों जमाखोरों पर प्रशासन का कोई दबाव भी नहीं है। ऐसे में पिछले साल की तरह इस साल भी प्याज एक बार फिर से लोगों को रुला सकती है। इसके साथ ही आलू की कीमतों में स्थिरता बनी हुई है।
टमाटर हुआ सस्ता- पिछले दिनों रसोई का जायका बिगाडऩे वाली टमाटर के भाव अब गिरने लगे है। थोक बाजार में टमाटर 500-800 रुपए प्रति कैरेट तक बिके। रिटेल बाजार में यह 40 से 50 रुपए किलो तक बिक रही है। कारोबारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में टमाटर की कीमतें और सस्ती होंगी। मांग के विपरीत टमाटर की आवक अधिक होने के कारण इसकी कीमतें गिर रही है।
शक्कर की कीमतें स्थिर- बाजार में शॉर्टेज की स्थिति पैदा होने से लगातार बढ़ रही शक्कर की कीमतों में अब स्थिरता छाने लगी है। थोक बाजार में शक्कर 3980 रुपए प्रति क्विंटल तथा चिल्लर में 43 रुपए किलो तक बिक रही है। कारोबारियों का कहना है कि बाजार में अभी भी लिवाली कमजोर बनी है। इसके कारण कीमतों में स्थिरता है।
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Published on:
10 Aug 2017 03:36 pm
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