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CG Human Story : नगरपालिका के टैंकरों पर टिकी होती है 267 बंदियों की सांसें

- जिस दिन टैंकर नहीं पहुंचा समझो बिना पानी के रहते हैं बंदी -जेल कैंपस में तीन बोर तीनों के हलक सूखे

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CG Human Story : नगरपालिका के टैंकरों पर टिकी होती है 267 बंदियों की सांसें

जांजगीर.चांपा जिला जेल खोखरा रोड जांजगीर में पानी की विकराल समस्या है। जेल में कहने को तो तीन-तीन बोर हैं, लेकिन किसी भी बोर से पानी नहीं निकल रहा। यहां के बोर का जनवरी माह से ही जल स्तर डाउन हो जाता है। इसके बाद जेल में निरुद्ध बंदियों की सांसे नगरपालिका के टैंकरों के पानी पर ही टिक जाती है। जिस दिन टैंकर पहुंचता है उस दिन बंदियों को पीने व निस्तारी के लिए पानी मिल पाता है। जिस दिन टैंकर नहीं पहुंचाए समझो उस दिन बंदियों को बिना पानी के ही तड़पना पड़ता है।

कुछ इसी तरह की परेशानी रविवार को तब हुई जब नगरपालिका के कर्मचारियों ने मारपीट के मामले को लेकर काम बंद कर दिया। कर्मचारियों द्वारा हड़ताल पर जाने के बाद जेल में टैंकर का पानी नहीं पहुंच पाया। जिसके चलते बंदियों को दिन भर पानी नहीं मिल पाया। यहां तक कि बंदियों का भोजन भी देर से पका और उनकी दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित हुई।

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कहावत है कि प्रकृति के आगे किसी की नहीं चलती। चाहे वह कोई भी हो। यदि भगवान की छत्रछाया है तब सबकुछ ठीक रहता है। यदि भगवान की कृपा नहीं है तो चाहे कितना भी सिर फोड़ लो कुछ नहीं होने वाला है। कुछ इसी तरह की कहावतें जेल के बंदियों पर भी चरितार्थ हो रही है। जिला जेल जांजगीर में अपनी कर्मों की सजा 267 बंदी पा ही रहे हैं, उनका दुख दर्द तब और बढ़ जा रहा जब प्रकृति भी उसके साथ बड़ा मजाक कर रही है, वह है पानी की किल्लत। कहने को तो जेल में तीन-तीन बोर हैं, लेकिन तीनों बोर के हलक जनवरी माह से जवाब देना शुरू कर देता है। जिसके चलते जेल में पानी की किल्लत बढ़ जाती है।

यहां पानी नहीं होने से नगरपालिका के टैंकरों से पानी मंगाया जाता है। यहां तीन पहर में तीन टैंकर पानी पहुंचाया जाता है। जिस दिन टैंकर नहीं आता उस दिन बंदियों को बिना पानी के तड़पना पड़ता है। दरअसल रविवार को सारथी मोहल्ले के लोग जलआपूर्ति करने वाले कर्मचारी की पिटाई कर दी थी। जिसके चलते नगरपालिका के कर्मचारियों ने एक साथ काम छोड़कर हड़ताल कर दिया था। जिससे जेल में भी जलापूर्ति नहीं हो पाई थी। जेल में पानी नहीं होने से शाम का खाना नहीं बन पाया है। बंदी पानी की प्रतीक्षा कर रहे थे, लेकिन यहां शाम पांच बजे पानी पहुंच पाया। इसके बाद जेल के बंदियों का कामकाज शुरू हो पाया।

-जेल में पानी की किल्लत वर्षों से है। यहां टैंकर से पानी की सप्लाई की जाती है। रविवार की सुबह टैंकर नहीं पहुंच पाया था। इस कारण यहां का काम काज कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ, लेकिन समय रहते सब काम हो गया था- एआर कुंजाम, जेलर, जिला जेल जांजगीर