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#Topic Of The Day- पत्रिका की मुहिम रंग लाई, वापस हुआ काला कानून

पत्रिका का जब तक काला, तब तक ताला अभियान रंग लाया और राजस्थान सरकार को कानून वापस लेना पड़ा।

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#Topic Of The Day- पत्रिका की मुहिम रंग लाई, वापस हुआ काला कानून

टॉपिक ऑफ द डे
जांजगीर.चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में समाज सेवी राघवेंद्र पांडेय उपस्थित रहे। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा बनाए गए अधिकारियों को संरक्षण देने वाले कानून को सरकार द्वारा वापस लेने पर प्रसन्नता जाहिर की है। इसके लिए पत्रिका समूह द्वारा राजस्थान सरकार के खिलाफ चलाए गए अभियान की जीत बताया है। पत्रिका का जब तक काला, तब तक ताला अभियान रंग लाया और राजस्थान सरकार को कानून वापस लेना पड़ा।

समाज सेवी पांडेय का मानना है कि कानून में मिले अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार को हनन करने का किसी को हक नहीं है। राजस्थान सरकार द्वारा भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों को सीधे संरक्षण देने कानून बनाया गया था, जो सर्वथा अनुचित है। इस काले कानून के खिलाफ पत्रिका समूह ने मुखर होकर आवाज उठाई, जिससे सरकार को झुकना पड़ा और कानून वापस लेना पड़ा है। उनका कहना रहा कि शासन-प्रशासन की अच्छी-बुरी बातों के साथ उनके आलोचना का हक आम जनता को है, जिससे मीडिया को भी यह हक स्वाभाविक तौर पर माना जाता है। शासन-प्रशासन की सभी बातें जानना जनता का हक है।

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राजस्थान सरकार द्वारा बनाए गए कानून के खिलाफ पत्रिका द्वारा चलाए गए अभियान पर पत्रिका की जीत की शुभकामनाएं देते हुए आम जनता की आवाज बुलंद हौसले के साथ उठाते रहने की अपेक्षा की। समाज सेवी पांडेय क्षेत्र में समाज सेवी बतौर जाने जाते हैं।
उन्होंने अपने गृह ग्राम कुटरा की स्थिति के बारे में बताया कि आज से 10 वर्ष पहले गांव की स्थिति अलग थी, वहां के लोग नशे की गिरफ्त में थे और अपराध की राह पर चल निकले थे। इससे गांव की बदनामी हो रही थी, जिसे देखते हुए ग्राम के लोगों को जागरूक करने व शिक्षा का अलख जगाने परिवार के बुजुर्ग गंगाराम पांडेय ने आह्वान किया। इसके बाद उन्होंने कुछ युवाओं को लेकर गांव को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया।

स्कूलों की स्थिति सुधारी व हाई स्कूल प्रारंभ कराने प्रयास किया। हाई स्कूल की स्वीकृति पश्चात भवन के लिए जमीन नहीं मिलने की स्थिति पर उन्होंने अपने बड़े भाई राजेश पांडेय से चर्चा कर निजी भूमि उपलब्ध कराई, जिसे इसी वर्ष हायर सेकेंडरी का दर्जा मिल गया। इसी तरह समीप के गांव कुथुर में भी आंगनबाड़ी भवन व स्कूल के लिए जमीन उपलब्ध कराया गया। शिक्षा के प्रचार-प्रसार के साथ लोगों में जागरूकता आते गई और वे नशे व अपराध से दूर होते जा रहे हैं। गांव आज विकास की नई कहानी कह रहा है और यहां की स्थिति देखने अन्य गांवों के लोग भी पहुंच रहे हैं।

अधिकारियों का मिला सहयोग
समाज सेवा के साथ पांडेय ज्योतिषी भी हैंए जिसके कारण उनका कई बड़े अधिकारियों से सीधे संबंध है। उन्होंने ग्राम की स्थिति सुधारने स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लेने की कोशिश कीए लेकिन नहीं मिलने पर अपने संपर्क के अधिकारियों से मिले। इसके प्रभाव से गांव के लिए कुछ विकास कार्यों के साथ शिक्षा के लिए अवसर खुलते गए। अधिकारियों के ही प्रयास से गांव आज शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़कर अपराध मुक्त हो चुका है और विकास के नए आयाम गढ़ रहा है।

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