3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ठेकेदार पर कलेक्टर की फटकार का असर नहीं, मानक को दरकिनार कर बनाई जा रही सड़कें

सीपत बलौदा उरगा मार्ग के नाम से बन रही इस सड़क में ठेकेदार ने भ्रष्टाचार की सभी सीमाओं को पार कर दिया है।

2 min read
Google source verification
ठेकेदार पर कलेक्टर की फटकार का असर नहीं, मानक को दरकिनार कर बनाई जा रही सड़कें

ठेकेदार पर कलेक्टर की फटकार का असर नहीं, मानक को दरकिनार कर बनाई जा रही सड़कें

जांजगीर-चांपा. छत्तीसगढ़ रोड डवलपमेंट कर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीआरडीसी) के द्वारा ९०.७३ करोड़ रुपए रुपए की लागत चुनावी सड़क बनाई जा रही है। सीपत बलौदा उरगा मार्ग के नाम से बन रही इस सड़क में ठेकेदार ने भ्रष्टाचार की सभी सीमाओं को पार कर दिया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ठेकेदार अभी पूरी सड़क बना भी नहीं पाया और वह जहां-जहां डामरीकरण कर रहा वहां की सड़क उखडऩे लगी है। नई बनी सड़क में कुछ दिनों में ही गड्ढे पडऩे लगे हैं।

पत्रिका ने इस सड़क के निर्माण में नियमों व मानकों का ध्यान नहीं देने को लेकर कई खबरे प्रकाशित की थी। खबरों पर संज्ञान लेते हुए जिले के नव पदस्थ कलेक्टर नीरज बनसोड़ ने खुद यहां का निरीक्षण किया और सड़क निर्माण में काफी कमियां पाईं थी। उन्होंने सड़क को सही तरीके से नियम के तहत बनाने को लेकर ठेकेदार को जमकर फटकार लगाई थी, लेकिन हालत यह है कि ठेकेदार के ऊपर कलेक्टर के फटकार का भी कोई असर नहीं हो रहा है। ठेकेदार ने सड़क में बाहर से मिक्स घटिया जीएसबी मटेरियल को पाटा है। इससे सड़क का बेस सही नहीं बना और सड़क बनने के साथ ही उखड़ रही है।

Read More : हरियाणा से पहुंचे कुशल श्रमिकों द्वारा एसेंबल किया जा रहा साइकिल, कामकाजी महिलाओं को मिल रही सौगात

खानापूर्ति करके लौटे सचिव
छत्तीसगढ़ रोड डवलपमेंट कर्पोरेशन लिमिटेड (सीजीआरडीसी) के तहत राज्य में कई अरब की लागत से सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी जहां पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड ईएनसी को दी गई तो वहीं सचिव स्तर पर इसकी मॉनीटरिंग पीडब्ल्यूडी विभाग में सचिव रहे अनिल राय कर रहे हैं। इनके ऊपर भी सरकार का या फिर कहें ठेकेदार का इतना दबाव है कि वह भी सिर्फ निरीक्षण के नाम पर खानापूर्ति कर रहे हैं। उनके द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के विकास यात्रा के दौरान सिर्फ एक बार ही इन सड़कों का निरीक्षण किया गया था। जहां एक तरह क्षेत्र की जनता को सड़क में बनते ही गड्ढे दिखाई दे रहे हैं वहीं इतने बड़े जिम्मेदार अधिकारियों को पूरा निर्माण नियम के तहत होता दिख रहा है।

लोग कहने लगे अभी से चुनावी सड़क
४१.२६ किलोमीटर लंबी लगभग ९१ करोड़ की लागत से बन रही इस सड़क के निर्माण का ठेका सुनील कुमार अग्रवाल को दिया है। ठेकेदार द्वारा किए जा रहे घटिया निर्माण व उस पर कोई कार्रवाई न होता देख अब बलौदा क्षेत्र के लोग इसे चुनावी सड़क कहना शुरू कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यह रमन सिंह की चुनावी सड़क है। लगभग एक अरब रुपए खर्च कर सरकर इस सड़क को सिर्फ दिखावे के लिए बना रही है, जबकि असलियत क्या है और पर्दे के पीछे की सच्चाई क्या है वह लोग समझ चुके हैं। इसीलिए लोग इसे सीपत बलौदा की जगह चुनावी सड़क कहने लगे हैं।

एक भी जगह पानी का छिड़काव नहीं
ठेकेदार ने नियमों को ताक में रखने की सभी हदें पार कर दी हैं। हालत यह है कि सड़क में अब डामरी करण भी शुरू हो चुका है, लेकिन ठेकेदार ने अब तक सड़क में पानी का छिड़काव नहीं किया है। इससे रहगीरों को धूल से परेशानी तो हो रही रही है साथ ही सड़क का बेस भी सही नहीं बन पा रहा है।

Story Loader