
निजी स्कूल संचालक अपने स्कूल की जानकारी नेट में अपलोड नहीं कर पा रहे
जांजगीर-चांपा. शिक्षा के अधिकार के तहत सरकार ने गरीब बच्चों के लिए निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए नेट संबंधी जो नई सुविधा दी जा रही है, उस वेबसाइट का सर्वर हमेशा डाउन रहता है।
वहीं जो टॉल फ्री नंबर उपलब्ध कराया गया है, वह नंबर भी हमेशा बंद रहता है। इसके चलते निजी स्कूल संचालक अपने स्कूल की जानकारी नेट में अपलोड नहीं कर पा रहे हैं। यही वजह है कि अब तक मात्र 15 स्कूल संचालक ही अपने स्कूल की जानकारी नेट में अपलोड कर पाए हैं। जबकि जिले में 600 से अधिक निजी स्कूल संचालकों को 15 दिन के भीतर स्कूलों की जानकारी नेट में अपलोड करना है। ताकि 15 अप्रैल से गरीब बच्चे शिक्षा के अधिकार के तहत निजी स्कूलों में भर्ती हो सकें।
शिक्षा के अधिकार के तहत गरीब बच्चों को अपने करीब के निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए सरकार द्वारा नई सुविधा प्रदान की गई है। सरकार के निर्देशन में निर्धारित वेबसाइट में निजी स्कूलों को अपनी स्कूलों की रिक्तियों की जानकारी नेट में उपलब्ध कराना है।
रिक्तियों के मुताबिक गरीब बच्चे उस स्कूलों में दाखिला ले सकेंगे। यह काम निजी स्कूलों को 15 अप्रैल तक करना है। ताकि 15 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच निजी स्कूलों में गरीब बच्चे प्रवेश ले सकें, लेकिन सरकार के द्वारा वेबसाइट का हमेशा सर्वर डाउन रहता है। जिसके चलते निजी स्कूल संचालक अच्छे खासे परेशान है।
उनकी रिक्तियों की जानकारी नेट में अपलोड नहीं हो रहा है। वहीं सरकार ने जो टॉल फ्री नंबर उपलब्ध कराया है वह नंबर भी हमेशा बंद रहता है या फिर इंगेज रहता है। जिसके चलते यह सुविधा नाकाम साबित हो रही है। गौरबतलब है कि शैक्षणिक जिला जांजगीर में 420 निजी स्कूल हैं वहीं शैक्षणिक जिला सक्ती में तकरीबन 220 निजी स्कूल संचालित है।
जिसमें तकरीबन 3 हजार सीटों में गरीब बच्चों को प्रवेश दिलाना है। जानकारी के अनुसार 640 निजी स्कूलों में अब तक 20 स्कूलों की जानकारी ही नेट में अपलोड हो पाई है। जबकि 15 अप्रैल तक सारे स्कूलों को अपनी रिक्तियों की जानकारी नेट में उपलब्ध कराने टारगेट दिया गया है।
हो सकते हैं वंचित
शिक्षा के अधिकार के तहत सरकार भले ही गरीब बच्चों को नेट सुविधा उपलब्ध कराई है, लेकिन यह सुविधा गरीब बच्चों के लिए महंगा साबित होगा। क्योंकि पहले तो उन्हें साइबर कैफे में जाकर मोटी रकम खर्च करनी पड़ेगी।
इसके बाद उन्हें जानकारी के लिए बार -बार साइबर कैफे में जाना होगा। जिसके चलते उन्हें यह सुविधा महंगी साबित होगी। कई हितग्राही जानकारी के अभाव में अभी से साइबर कैफे का चक्कर काटने मजबूर हैं। जबकि अभी प्रवेश प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हो पाई है। शिक्षा के अधिकार के तहत प्रवेश की सुविधा 15 से 30 अप्रैल तक निर्धारित किया गया है।

Published on:
30 Mar 2018 04:04 pm
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