
police ne kiya jabt sirf
जिले में अभी भी नशे का गोरखधंधा गुपचुप तरीके से धड़ल्ले से चल रहा है। नशे की गिरफ्त में आए युवा इसका सेवन कर हल्के में अपनी जान गवाने का काम तुले हुए हैं। माह भर पहले सारागांव पुलिस ने एक मेडिकल स्टोर संचालक के कब्जे से बड़ी तादात में कोडिन सिरप जब्त किया था। इसके बाद चांपा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बाराद्वार रोड सक्ती के आगे पेट्रोल पंप के पास एक निर्माणाधीन मकान के पास एक कार खड़ी है। कार क्रमांक सीजी १२ एएम ३६१० में नशीली कफ सिरप रखा है। पुलिस ने कार में सवार चांपा के वार्ड नंबर १७ भोजपुर निवासी अरसद अली पिता असगर अली (३२) को घेराबंदी कर पूछताछ की। कार की तलाशी लेने पर पुलिस ने एक सफेद प्लास्टिक की बोरी में कोडिन फास्फेट सिरप का का स्टाक देख पुलिस के होश उड़ गए। पुलिस ने पूछताछ करने पर वह कहां से लाया यह नहीं बता रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा २१ सी के तहत जुर्म दर्ज कर आरोपी को न्यायिक रिमांड में भेज दिया है। उक्त कार्रवाई में सक्ती टीआई रूपक शर्मा, एसआई ललित चंद्रा, कमल किशोर साहू, विजय निराला, प्रेमनारायण राठौर, महेंद्र राठौर लक्ष्मीनारायण राठौर, विजय पटेल सहित उनकी टीम का योगदान था।
आखिर ड्रग विभाग चुप क्यों
जिले में ड्रग विभाग की भूमिका संदेह के दायरे में है। कोडिन सिरप बिक्री का काला कारोबार पर ड्रग विभाग किसी तरह की कार्रवाई नहीं करती। जिसके चलते जिले के २५ फीसदी मेडिकल स्टोर में कोडिन सिरप की बिक्री हो रही है। यदि ड्रग विभाग ऐसे मेडिकल स्टोर में कड़ी छापेमारी करती तो निश्चित ही ऐसे लोगों का कारोबार नहीं चलता, लेकिन ड्रग विभाग मेडिकल स्टोर्स में जांच के नाम पर केवल औपचारिकता निभा देती है।
Published on:
07 Apr 2022 09:46 pm
बड़ी खबरें
View Allजांजगीर चंपा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
