स्कॉलरशिप घोटाला : आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बलौदा पुलिस इकट्ठा कर रही सबूत

स्कॉलरशिप घोटाला : आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए बलौदा पुलिस इकट्ठा कर रही सबूत

Shiv Singh | Publish: Sep, 02 2018 06:27:37 PM (IST) Janjgir-Champa, Chhattisgarh, India

-74.58 लाख की छात्रवृत्ति घोटाले की फाइल आग में हुई खाक - जुलाई 2013 में डीईओ कार्यालय में लगी भी भीषण आग

जांजगीर-चांपा। बलौदा ब्लाक के दर्जनों स्कूल संचालकों द्वारा स्कॉलरशिप के नाम पर 74.58 लाख रुपए का घोटाला मामले की फाइल आग में खाक हो चुकी है। हालांकि फाइल खंगाले जा रहे हैं, लेकिन फाइल मिल नहीं रही। दरअसल जुलाई 2013 में डीईओ आफिस के दफ्तर में भीषण आग लग गई थी। जिसमें डीईओ आफिस के तकरीबन आधा दर्जन शाखाओं की फाइल जलकर खाक हो गई थी। बताया जा रहा है कि वर्ष 2011 से लेकर वर्ष 2013 तक की छात्रवृत्ति की फाइल भी आग के हवाले हो चुका है। इस कारण जांच में आंच आ सकती है।

गौरतलब है कि बलौदा ब्लॉक के 13 स्कूल संचालक, आधा दर्जन नोडल अफसर व प्राचार्य ने मिलकर 74.58 लाख रुपए के स्कालरशिप घोटाला किया है। इसकी नामजद रिपोर्ट बलौदा थाने में दर्ज की जा चुकी है। आरोपियों के खिलाफ गिरफ्तारी के लिए बलौदा पुलिस सबूत इकट्ठा कर रही है। डीईओ आफिस से सात बिंदुओं में जानकारी मांगी गई है। डीईओ आफिस के क्लर्क पुलिस द्वारा चाही गई जानकारी इकट्ठा करने एड़ी-चोटी कर रहे हैं।

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बलौदा पुलिस ने डीईओ को धारा 91 जाफ्ता फौजदारी के तहत नोटिस दिया है। जिसमें महत्वपूर्ण जानकारी यह चाही गई है कि वर्ष 2011 से 2015 तक किस दिनांक में कितने का चेक जारी हुआ है। जबकि वर्ष 2011 से लेकर 2013 के बीच की फाइल ही आग में जलकर खाक हो चुका है। ऐसे में चाही गई जानकारी में सवाल उठना शुरू हो चुका है। जब दफ्तर के सारे फाइल जलकर खाक हो चुके हैं तब यह जानकारी कहां से इकट्ठा की जा सकती है। ऐसे में आरोपियों को छूट का लाभ मिल सकता है।

जानकारों का कहना है कि जब तक चारसौबीसी के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी तब की जाती है जब उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत होए लेकिन पुलिस को तब पसीना जाएगा जब वह पर्याप्त सबूत इक_ा कर ले। परए यहां पेंच डीईओ आफिस में फंस गया है। जब तक डीईओ आफिस से पर्याप्त सबूत नहीं मिल जाता, तब तक आरोपियों को छूट का लाभ मिल सकता है।

आयुक्त ने किया था खुलासा
गौरतलब है कि 5 फरवरी 2018 को तत्कालीन आयुक्त बीके राजपूत ने बलौदा थाने में एफआईआर के लिए कागजात पेश किया था, जिसमें बलौदा ब्लाक के 13 स्कूलों ने छात्रवृत्ति के नाम पर बड़ा खेल किया था। इसकी जांच के लिए कैग की टीम जांच कार्रवाई के लिए जांजगीर आई थी। उन्होंने अपनी रिपोर्ट अजाक अफसर को सौंपी थी। मामले की फाइल बलौदा थाने में सौंप दी थी।

छह महीने जांच के बाद बलौदा पुलिस ने मामले की जांच कर स्कूल संचालक व अफसरों के खिलाफ धारा 419, 420, 409, 467, 468, 471, 34 के तहत जुर्म दर्ज किया है। जिनके खिलाफ जुर्म दर्ज हुआ है उनमें प्राचार्य आरपी शर्मा, एचपी खरे, आरएन कुर्रे, एसएल नेताम, बीईओ एवं प्राचार्य बलौदा, खिसोरा सहित स्कूल संचालकों के खिलाफ जुर्म दर्ज किया गया है।

इन स्कूलों के नाम पर बंदरबाट
बलौदा ब्लाक के लेवाई, पनोरापारा, कुरमा, बगडबरी, खिसोरा, उदयपुर, अंगारखार, डोंगरी, पोंच, मिलभांठा सहित 13 स्कूलों में 74.58 लाख रुपए का स्कॉलरशिप घोटाला हुआ था। घोटाले में सबसे अधिक निजी स्कूल संचालकों का हाथ था। कई ऐसे स्कूलों के नाम से लाखों रुपए का स्कॉलरशिप निकाला गया था जिस नाम से स्कूल ही संचालित नहीं है। कई स्कूलों में दर्ज संख्या से अधिक की राशि का आहरण किया गया था। कई मामले ऐसे थे जिसमें विभागीय कर्मचारी ही चारसौबीसी के आरोप में जेल भी गए थे।

छात्रों को अब तक नहीं मिली छात्रवृत्ति
बताया जा रहा है कि इस दौरान स्कूल में अध्ययनरत छात्रों को अब तक स्कालरशिप नहीं मिल पाई है। छात्र दर-दर भटक रहे हैं। कई स्कूलों में हालात यहां तक है कि बीते तीन-चार सालों की स्कालरशिप अब तक नहीं मिली है। छात्र सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग का चक्कर काटने मजबूर हैं। बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार से ही इस स्कालरशिप की राशि नहीं पहुंच पाई है। इसके कारण छात्रों को योजना से मोहभंग हो चुका है।

-बलौदा थाने से स्कालरशिप घोटाले के संबंध में सात बिंदुओं में जानकारी के लिए नोटिस आया है। इसकी जानकारी जुटाई जा रही है- जीपी भास्कर, डीईओ

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