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बांध मरम्मत का घटिया कार्य देख भड़के एसडीएम ठेकेदार के विरूद्ध तत्काल दिए ऐसी कार्रवाई के निर्देश

मौके पर उपस्थित विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार

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मौके पर उपस्थित विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार

मौके पर उपस्थित विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार

जांजगीर-चांपा. जैजैपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत ठठारी में पुराने तालाब को मरम्मत कर जलाशय बनाने का कार्य किया जा रहा था। इस महत्वपूर्ण कार्य में गुणवत्ताहीन कार्य और तय मानकों को अनदेखा करते हुए ठेकेदार द्वारा जलाशय मरम्मत कार्य में अनियमितता बरती जा रही थी।


इस खबर को पत्रिका द्वारा प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। जिस पर संज्ञान लेते हुए सक्ती अनुविभागीय अधिकारी इंद्रजीत बर्मन ने ग्राम पंचायत ठठारी पहुंच कर निर्माण कार्य का जायजा लिया। जहां पर हो रही गुणवत्ताहीन कार्य को देखकर उन्होंने जलसंसाधन विभाग के ईई बीएल आर्य और एसडीओ आरके दीक्षित को जमकर फटकार लगाई है।

कार्य को गुणवत्ता युक्त कराने का निर्देश देते हुए पिचिंग में लगे हुए। लाल पत्थर को निकाल कर सही तरीके से पिचिंग कराने और ठेकेदार का भुगतान रोकने का निर्देश दिए गए हैं। दरअसल जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत ठठारी में पुराने तालाब को जलाशय बनाने के लिये जल संसाधन विभाग द्वारा एक करोड़ 42 लाख रुपए की लागत से मरम्मत कार्य कराया जा रहा है।

तय मानकों को दरकिनार कर कार्य कराया जा रहा था। जहां कार्यस्थल पर सूचना बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। पत्थरों को तय मानकों के अनुरूप नहीं लगाया गया है। साथ ही काला पत्थर लगाने के बजाय लाल पत्थरों को लगा दिया गया है। जिसे देखने से ही पता चलता है कि इतनी लागत की राशि को सिर्फ मिट्टी पाटकर पार बनाने और पिचिंग के नाम पर घटिया किस्म की पत्थर लगाकर ठेकेदार शासकीय राशि का दुरूपयोग कर रहा है।

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ठेकेदार का भुगतान रोकने का निर्देश
सरकारी कर्मचारियों में ठेकेदार के द्वारा विभागीय अधिकारियों की शह पर किस तरह की भ्रष्टाचार किया जा रहा था। इसका जीता जागता उदाहरण ठठारी के जलाशय मरम्मत कार्य में देखने को मिला है। जहां ठेकेदार ने सिर्फ पुराने तालाब के पार को मिट्टी डालकर और नीचे में मिट्टी के ऊपर ही पत्थर का पिचिंग कार्य में ही लगभग 60 लाख रुपए की राशि का आहरण कर लिया है। जब एसडीएम मौके पर पहुंचे तब विभागीय अधिकारियों के पास जलाशय मरम्मत से संबंधित किसी भी प्रकार की कोई दस्तावेज लेकर नहीं पहुंचे थे। बिफरे एसडीएम ने ठेकेदार का भुगतान रोकने के निर्देश दिए हैं।

-मेरे द्वारा निर्माण कार्य स्थल पर जाकर देखा गया। जिस तरह से कार्य होना चाहिये उस तरह कार्य नहीं किया गया है। पिचिंग कार्य में लाल पत्थरों का उपयोग किया गया है। उसे निकालकर दोबारा सही तरीके से लगाने और ठेकेदार का भुगतान रोकने का निर्देश दिया गया है।
-इंद्रजीत बर्मन, एसडीएम सक्ती