25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

इस सड़क पर जरा संभलकर चलाइए वाहन, वरना टूट जाएंगी हड्डियां या फिर जा सकती है जान

सड़क की दशा को देखकर सड़क का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है। इस ओर न तो रेलवे प्रशासन और न ही जिला प्रशासन ध्यान दे रहा है।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जांजगीर चंपा

•

image

Shiv Singh

•

Updated: 24 Jul 2018, 2:20 PM IST

इस सड़क पर जरा संभलकर चलाइए वाहन, वरना टूट जाएंगी हड्डियां या फिर जा सकती है जान

इस सड़क पर जरा संभलकर चलाइए वाहन, वरना टूट जाएंगी हड्डियां या फिर जा सकती है जान

जांजगीर-चांपा. शहर से रेलवे स्टेशन रोड की दशा कई सालों से खराब है, लेकिन बरसात में स्थिति बद से बदतर हो गई है। यह सड़क गांव से भी बदतर हो गई है, लेकिन रेलवे प्रशासन द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई अखबारों की हेडलाइन में सुर्खियों में होने के बाद भी आखिर यह सड़क पर रेलवे की नजर कब पड़ेगी यह सोचने वाली बात है। भारी वाहन चलने के कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।

सड़क की दशा को देखकर सड़क का अनुमान लगाना मुश्किल हो गया है। इस ओर न तो रेलवे प्रशासन और न ही जिला प्रशासन ध्यान दे रहा है। आए दिन छोटी-मोटी दुर्घटनाएं घटित हो रही है। ऐसे में यात्रा करने वाले यात्रियों को आवाजाही में परेशानियों का सामन करना पड़ रहा है। जांजगीर-चांपा जिला की सबसे घटिया सड़क नैला रेलवे स्टेशन से फाटक तक की है। रेलवे स्टेशन से महज एक किलो मीटर की दूरी तय करने में लोगों 15 से 20 मीनट का समय लग रहा है।

जांजगीर-चांपा जिला और रेलवे प्रशासन का मॉडल स्टेशन होने के बाद भी सड़क की दशा में सुधार नहीं कर पा रहे हैं। नागरिकों की मांग के बाद भी रोड की सुध नहीं ली जा रही है। रोड की जर्जर हालत से घरों में साफ-सफाई की समस्या गंभीर हो चली तो दुकानों से ग्राहकों ने दूरी बना ली है। यह रोड सरखों, पहरिया होते हुए बलौदा, कोरबा निकलती है। वहीं कन्हाईबंद, सिवनी, जर्वे, बलौदा होते हुए अन्य कस्बों को भी जोड़ता है। प्रतिदिन हजारों वाहनों और लोगों की आवाजाही के बावजूद रोड की स्थिति बद से बदतर हो गई है।

बड़ी खबरें

View All

जांजगीर चंपा

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग