
हजार -हजार रुपए लेकर दे रहे कनेक्शन
जांजगीर-चांपा. केंद्र सरकार के द्वारा मुफ्त में बिजली कनेक्शन देने की सौभाग्य योजना विद्युत वितरण कंपनी के अफसरों का कमाई का जरिया बन गया है। अफसर नियम कानून को ताक में रखकर हितग्राहियों को कनेक्शन दे रहे हैं। इस तरह का काला कारोबार जिला मुख्यालय के आसपास के गांव बनारी, सरखों, कन्हाईबंद, सिवनी सहित अन्य गावों में धड़ल्ले से चल रहा है। प्रत्येक कनेक्शन के एवज में विभागीय कर्मचारी एक से दो हजार रुपए तक कमीशन की मांग कर रहे हैं।
कमीशन नहीं देने की स्थिति में उन्हें कनेक्शन के लिए भटकाया जा रहा है। इसी तरह उन लोगों को नियम को ताक में रखकर नया कनेक्शन दिया जा रहा है कि जिनका पुराना टीसी एरियर्स है या फिर वह पुराना बिजली बिल विवाद के बाद कनेक्शन बंदकर कर सौभाग्य योजना का नया कनेक्शन लेना चाह रहा है। ऐसे काला कारोबार का खेल जिले में खुलेआम चल रहा है। जबकि अफसर ऐसे काला कारोबार से अनजान बने हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि हर व्यक्ति का आवास हो और घर-घर में बिजली, शौचालय की व्यवस्था हो। हाल ही में प्रधानमंत्री ने हर घर में बिजली देने के लिए सौभाग्य योजना की शुरूआत की है। इस योजना के तहत सरकार बीपीएल परिवारों को नि:शुल्क बिजली कनेक्शन दे रही है। वहीं एपीएल परिवार वालों को भी 50 रुपए प्रति माह के हिसाब से 10 किस्तों में कनेक्शन दे रही है, लेकिन इस योजना का लाभ देने के लिए अफसर खुलेआम हितग्राहियों से उगाही कर रही हैं। सबसे अधिक बुरा हाल जिला मुख्यालय के आसपास के गांवों में है। हद तो तब हो जा रही है जब अफसर इस योजना का लाभ देने के लिए नियम कानून को दरकिनार कर रहे हैं।
केस- 1
अफसरों से हुई शिकायत के मुताबिक ग्राम बनारी में मेन रोड के निजी स्कूल के पीछे रामा चंद्रा के नाम पर सौभाग्य योजना का कनेक्शन दिया है। जबकि इस घर में पुराना टीसी का एरियर्स बकाया है। सूत्रों का कहना है कि यहां डेयरी उद्योग संचालित हो रहा है। जबकि यह कनेक्शन केवल घरेलु उपयोग के लिए है न कि औद्योगिक। बताया जा रहा है कि विभागीय अफसरों ने इस कनेक्शन पर हितग्राही से साठ-गांठ की है।
क्योंकि हितग्राही को पता था कि यहां बिजल कनेक्शन लगवाने के लिए पांच से 10 लाख रुपए खर्च आएगा। इसके एवज में उसने ठेकेदार के माध्यम से अफसरों से सांठ -गांठ कर ली और कनेक्शन जुड़वा लिया। हितग्राही ने इस मामले में अफसरों को अंधेरे में भी रखा है। बताया जा रहा है कि हितग्राही जांजगीर का निवासी है और उसे ग्रामीण इलाका बनारी का कनेक्शन दिया गया है।
केस- 2
ग्राम सरखों में सौभाग्य योजना का कनेक्शन लेने ग्रामीणों में होड़ मची है। क्योंकि योजना का लाभ मुफ्त में मिल रहा है। जब ग्रामीणों में कनेक्शन लेने होड़ मच गई तब अफसरों के कान खड़े हो गए और उन्होंने खुद का नियम बनाते हुए ऑफ द रिकार्ड एक से दो हजार रुपए तक प्रति कनेक्शन घूस की मांग करने लगे। इसके बाद बावजूद ग्रामीण कनेक्शन लेने के लिए तैयार हो गए। उन्हें क्या पता था कि यह कनेक्शन सरकार नि:शुल्क दे रही है। आखिरकार भोले भाले ग्रामीण दलालों के चंगुल में फंस गए और अफसरों को घूस देकर कनेक्शन लेने राजी हो गए।
-सौभाग्य योजना में गड़बड़ी की शिकायत अभी मुझे नहीं मिली है। यह जानकारी मुझे आपके द्वारा बताया गया है। यदि ऐसा हो रहा है तो मामले की जांच कराएंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।
-एके अंबस्ट, अधीक्षण अभियंता, सीएसपीडीसीएल
Published on:
04 Aug 2018 05:14 pm

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