
तेज रफ्तार वाहन ने सड़क पर बैठे 11 मवेशियों को रौंद डाला
जांजगीर-चांपा। वहीं मवेशी मालिकों को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई। हालांकि इसमें पूरी तरह से जिम्मेदार मवेशी मालिक ही हैं। क्योंकि उन्होंने गाढ़ी दूध निकालने के बाद मवेशियों को सड़क पर आवारा छोड़ देेते हैं। वहीं मवेशी भारी भरकम ट्रक की चपेट में आ जाते हैं और उनकी मौत हो जाती है। मवेशियों को सुरक्षित रखने के लिए सरकार करोड़ो रुपए खर्च कर गोठानों का निर्माण कराई है। लेकिन यह योजना धरातल पर नहीं है। केवल कागजों में संचालित हो रहा है। इसी तरह सरकार इन दिनों रोका छेका योजना का भी संचालन कर रही है। यह भी केवल कागजी घोड़ा साबित हो रहा है। कुछ इसी तरह हृदयविदारक घटना शनिवार की रात को तिलई मुख्य मार्ग के पास हुई। जिसमें भारी वाहनों ने सड़क पर बैठे ११ मवेशियों को अपनी चपेट में ले लिया। इससे ८ मवेशियों की सड़क पर ही मौत हो गई। वहीं तीन की हालत गंभीर है। जिसे उपचार के लिए गोठान में ले जाया गया है।
सरपंच व पुलिस की टीम मौके पर पहुंची
घटना की जानकारी होते ही पुलिस व सरपंच मौके पर पहुंचे और मामले को रफादफा करने व छुपाने मृत गायों को दूर ले जाकर गढ्ढा खोदकर दफना दिया गया और गंभीर रूप से घायल 3 गायों को ट्रैक्टर में भरकर इलाज के लिए गौठान ले आए। अब यहां तीनों गाएं दर्द से तड़प रहीं हैं 3 में से 1 गाय के पीछे के दोनों पैर घुटने पूरी तरह टूट चुके हैं। वहीं बाकी दो गायों को भी पेट, पांव व गर्दन में गंभीर चोटें आई है। जिनका उपचार किया जा रहा है।
Published on:
23 Jul 2023 08:52 pm
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