
स्टॉफ नर्सेस की हड़ताल शुरू, अस्पताल में भर्ती मरीज अब भगवान भरोसे, जानिए क्यों खफा हैं ये नर्सेस...
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ परिचारिका कर्मचारी कल्याण संघ के बैनर तले जिले भर के परिचारिका (स्टॉफ नर्सेस) संघ शासन के वेतन विसंगति एवं वैध मांगों को लेकर आज से हड़ताल पर हैं। इसके अलावा कार्यबाधित असयोग आंदोलन शुरू कर दिए हैं। इनके हड़ताल में जाने के बाद जिले के सभी शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। उनकी मांगे नहीं मानी जाएगी तो अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगी। इससे पहले स्टॉफ नर्सेस हर रोज कुछ न कुछ गतिविधि कर सरकार की कुंभकरणीय नींद से जगाना चाह रहीं थीं।
एक मई को मुख्यमंत्री रमन सिंह की तस्वीर पर आरती उतारकर उन्हें नींद से जगाना चाहा, इसके बाद भी मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को नजर अंदाज कर दिया। स्टॉफ नर्सेस का कहना है कि पंजाब, बिहार, झारखंड, राजस्थान जैसे कई राज्यों में स्टॉफ नर्सेस को ४६०० रुपए ग्रेड पेय मिल रहा है, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा हमें मात्र २८०० रुपए ग्रेड पेय दिया जा रहा है। जिसके चलते स्टॉफ नर्सेस की माली हालत खराब है। अपनी समस्याओं को लेकर स्टॉफ नर्सेस मुख्यमंत्री की तस्वीर में आरती उतारकर उन्हें जगाना चाहा, इसके बाद भी मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को नजर अंदाज कर दिया है।
गौरतलब है कि वेतन विसंगति एवं वैध मांगों के संबंध में शासन के द्वारा कोई निर्णय नहीं लिया गया। जिसके चलते स्टॉफ नर्सेस में रोष व्याप्त है। हड़ताल को समर्थन देने जिला अस्पताल के डॉक्टर्स यूनियन भी सामने आए। स्टाफ नर्सेस ने कहा कि वे आने वाले दिनों में यदि हमारी मांगें सरकार द्वारा पूरी नहीं की जाती तो वे लगातार हड़ताल में रहेंगी। जिसकी जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी। जिले भर के स्टॉफ नर्सेस १८ मई को रायपुर के मैदान में तपती धूप में एकता और शक्ति का परिचय देते हुए अनिश्चितकालीन कार्यबाधित असयोग आंदोलन के लिए हल्ला बोल कर रही हंै।
Published on:
18 May 2018 03:03 pm
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