
सरकारी स्कूलों को ढर्रे पर लाने की शिक्षा विभाग की तमाम कोशिशें असफल, यहां आए दिन गैरहाजिर रहते हैं शिक्षक
जांजगीर-चांपा. शिक्षा सत्र की शुरूआती दिनों में ही शिक्षा व्यवस्था की तैयारियों की पोल तब उजागर हो गई जब मालखरौदा ब्लाक के सारसकेल हायरसेकंडरी स्कूल के छात्र धरने पर बैठ गए और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के विरोध में नारेबाजी करने लगे। नारेबाजी को सुनकर एसडीएम तत्काल मौके पर पहुंचे और छात्रों की शिकायतें सुनी और बहुत जल्द हल करने का आश्वासन दिया।
मालखरौदा ब्लाक के सारसकेला हायरसेकंडरी स्कूल के छात्र विभिन्न मांगों को लेकर जनदर्शन कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। छात्राओं का कहना है कि उनके स्कूल में न तो पर्याप्त शिक्षकों की व्यवस्था है और न ही अन्य मूलभूत सुविधाएं। इसके चलते छात्रों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अपनी समस्याओं को लेकर छात्र शिक्षा अधिकारियों को कई बार अवगत करा चुके हैं, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।
इस तरह की परेशानी नहीं सुलझते देख स्कूल की छात्र छात्राएं सोमवार की सुबह स्कूल से क्लास छोड़ निकल गईं और ब्लाक मुख्यालय मालखरौदा के सप्ताहिक जनदर्शन में पहुंच गए। अधिकारियों की टीम जनदर्शन में इतने छात्र-छात्राओं को देखकर हैरत में पड़ गए और तत्काल बीईओ को तलब कर छात्रों की समस्याओं को हल करने कराने की बात कही।
गौरतलब है कि इस स्कूल में बीते वर्ष भी विषयवार शिक्षकों का अभाव था। इसके कारण पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई थी। शिक्षक नहीं होने के कारण यहां के रिजल्ट पर भी बुरा प्रभाव पड़ा। नतीजतन छात्राओं के सब्र का बांध फूट पड़ा और सोमवार को आर-पार की लड़ाई उन्हें करनी पड़ी।
-छात्रों द्वारा धरने की जानकारी नहीं है। क्योंकि मैं अभी बाहर पेशी में आया हूं। यदि ऐसा है तो तत्काल बीईओ को मौके पर भेजकर जानकारी मांग रहा हूं। छात्रों की समस्याओं का निराकरण किया जाएगा- आरएन हीराधर, डीईओ
Published on:
02 Jul 2018 01:12 pm
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