जांजगीर-चांपा. जिले के शिवरीनारायण में महानदी का जलस्तर एक ही रात में बढ़ जाने से जलस्तर खतरे के निशान से उपर बहने लगा था, जो देर रात तक हालात काबू में आ गया। बुधवार की सुबह तक जल स्तर शबरी सेतु से एक फीट नीचे चला गया है। मंगलवार दिनभर गिधौरी पुल से करीब तीन फीट ऊपर पानी बहते रहा।
इस स्थिति के चलते जिले के एक दर्जन से अधिक गांव में पानी भर गया था और वहां बाढ़ का खतरा मंडराने लगा था। दो गांव व चंद्रपुर के एक वार्ड के लोगों को राहत कैंप की शरण लेनी पड़ी थी। बुधवार की सुबह से जल स्तर में कमी आने से जहां लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं प्रशासन भी कुछ ढीला पड़ा, लेकिन आपदा प्रबंधन के एक दर्जन से अधिक लोग मौके पर मौजूद हैं और स्थिति पर निगाह जमाए हुए हैं।

शिवरीनारायण व खरौद के बाढ़ राहत शिविरों में व्यवस्था बनाए रखी गई है। गौरतलब है कि जिले में इस बार पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, लेकिन रायपुर व बस्तर संभाग में हो रही भारी बारिश के चलते धमतरी स्थित गंगरेल बांध के 10 दरवाजे खोलने पड़े हैं। सोमवार को गंगरेल बांध से छोड़े गए एक लाख क्यूसेक व मंगलवार को 50 हजार क्यूसेक से अधिक पानी के कारण ही जिले में बाढ़ की स्थिति बन गई थी, लेकिन अब हालात काबू में है। बहरहाल प्रशासन अमला पूरी स्थिति पर निगाह जमाए हुए है।