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Video Gallery : नदी-नालों की दिशा बदलने से किसानों को हुई परेशानी, फसल हो रहे बर्बाद
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Video Gallery : नदी-नालों की दिशा बदलने से किसानों को हुई परेशानी, फसल हो रहे बर्बाद

- सड़क निर्माण के दौरान कई नदी नालों की दिशा ही बदल गई है

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जांजगीर-चांपा. एनएच 49 बायपास सड़क निर्माण पुटपुरा के किसानों के लिए कहर बनकर आई है। दरअसल सड़क निर्माण के दौरान इस रूट में कई नदी नाले भी मिले हैं। जिसमें सड़क निर्माण तो कराया जा रहा है लेकिन सड़क निर्माण के दौरान कई नदी नालों की दिशा ही बदल गई है। जिसका खामियाजा क्षेत्र के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। कुछ इसी तरह की परेशानी से पुटपुरा के किसानों को जूझना पड़ रहा है।

गौरतलब है कि दो साल से जांजगीर चांपा इलाके 365 करोड़ की लागत से एनएच 49 बायपास सड़क का निर्माण किया जा रहा है। यही सड़क 11 वीं बटालियन पुटपुरा की ओर से भी गुजरी है। पुटपुरा के पास एक नाला भी बहा है। सड़क निर्माण के दौरान नाले का भी निर्माण किया गया। सड़क किनारे जिस नाले का निर्माण किया गया है उसकी दिशा विपरीत कर दी गई है। इससे नाले के पानी का बहाव आसपास के किसानों की फसल को प्रभावित कर रहा है।

पुटपुरा के किसान गोविंद राठौर सहित अन्य किसानों ने बताया कि सड़क किनारे नाले में जिस पुल का निर्माण किया गया है वह अमानक है। बिना सर्वे किए ही अधिकारियों द्वारा आंख मूंदकर बना दिया गया है। बारिश के समय नाले का पानी किसान के खेतों की ओर जा रहा है। जिससे 9 से 10 एकड़ की फसल तबाह हो रही है। क्यों कि नाले के पानी की धार विपरीत दिशा में जा रहा है। जिससे फसल बर्बाद हो रहा है।

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किसान भूखों मरने की स्थिति में
पुटपुरा के किसान गोविंद राठौर ने बताया कि उक्त नाले की धार में 9 एकड़ की फसल पूरी तरह से डूब जाता है। जिससे उसे सालाना 6 से 7 लाख रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस समस्या का ज्ञापन उन्होंने एसडीएम से सौंप चुके हैंए लेकिन राजस्व विभाग इस इस दिशा में कारगर कदम नहीं उठा रहा है। जिसके चलते उसके परिवार को भूखों मरने की नौबत आ गई है। उसके नाम नौ एकड़ की भूमि होने के बाद भी अब उसका पूरा परिवार भूमिहीन की तरह हो चुका है। किसान ने एसडीएम चांपा से मांग कर नाले की दिशा बदलने की मांग की है। ताकि उसकी खड़ी फसल बचाई जा सके और उसके परिवार को भूखे मरने की नौबत न आए।

रकम बचाने का चला फेर
जिस वक्त ठेकेदार सुभाष अग्रवाल ने सड़क निर्माण किया उस वक्त स्थानीय इंजीनियर के बजाए बाहरी इंजीनियर से पुल का ड्राइंग डिजाइन कराया। तत्कालीन इंजीनियर ने ठेकेदार का रकम बचाने के फेर में नाले की धार ही मोड़ दी। नाले को पानी के बहाव के अनुसार न बनाकर सीधा बना दिया। उसने पानी के बहाव को नजर अंदाज कर दिया। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा। अब पानी का बहाव नाले में न जाकर सीधे खेतों में जा रहा है। जिससे तकरीबन 10 एकड़ की फसल तबाह हो रही है।

किसानों की पुल निर्माण में तकनीकी खामियां की शिकायत मिली है। पुल में पीचिंग का निर्माण किया जाएगा ताकि नाले के पानी की धार खेतों में न जाकर विधिवत जाए। किसानों का नुकसान न हो इसे ध्यान में रखकर पिचिंग का निर्माण किया जाएगा- विजय साहू, इंजीनियर एनएच-49