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जिला मुख्यालय की सड़कों ने ही कर दिया लोगों का जीना मुश्किल, वाहन आते है चलती है धूल भरी आंधी

लोगों का सड़क पर चलना मुश्किल
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जांजगीर चंपा

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Shiv Singh

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Updated: 11 Jul 2018, 5:43 PM IST

लोगों का सड़क पर चलना मुश्किल

लोगों का सड़क पर चलना मुश्किल

जांजगीर-चांपा. जिला मुख्यालय जांजगीर की सड़कों इन दिनों शहरवासियों को जीना दुश्वार कर दिया है। शहर के जिस कोने में जाओ निर्माण कार्य हो रहा है जिससे धूल उड़ रही है। इसके चलते लोगों का सड़क पर चलना मुश्किल हो गया है। सबसे अधिक विवेकानंद मार्ग और कलेक्टोरेट मार्ग की हालत बदतर है।

क्योंकि इस मार्ग में भीमा तालाब को भरने के लिए नाली का निर्माण किया जा रहा है। नाली का मलबा सड़क पर डंप की गई है। भारी वाहन इस रूट में हर सेकंड में चलता है तब धूल का गुबार छाए रहता है। धूल की वजह से लोगों को स्वांस से संबंधित परेशानी आ रही है। कई लोगों को एलर्जी की वजह से गोली दवा खानी पड़ रही है।

सीजन भर में दो दिन की बारिश ने शहरवासियों की परेशानी बढ़ा दी है। बारिश के बाद सड़क किनारे का कीचड़ सड़क पर आ गया है। शहर के भीतर की सड़कों में चौबीसों घंटे भारी वाहन गुजरता है जिससे धूल उड़ रहा है। यही धूल लोगों के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहा है। सुबह से लेकर शाम तक इन सड़कों में भारी वाहनों का गुजरना स्वाभाविक है और इन वाहनों की धूल ने लोगों को बीमार बना दिया है।

दरअसल मुख्यालय के भीतर से ही भारी वाहनों को गुजारा जाता है। क्योंकि एनएच बायपास को अभी और छह माह से एक साल तक का समय लगेगा। तब तक शहर के लोग इसी तरह परेशानियों से जूझते रहेंगे।


केस वन - विवेकानंद मार्ग
सबसे अधिक विवेकानंद मार्ग की हालत बदतर है। इस मार्ग के लोग नारकीय जीवन जीने मजबूर हैं। क्योंकि इस मार्ग में नाली का निर्माण किया जा रहा है। मंथरगति से बन रही नाली लोगों के लिए जी का जंजाल बन गया है। क्योंकि नालियों से जो मलबा निकला है उसे सड़क में ही डंप कर दिया गया है। सड़क में भारी वाहनों का रेला रहता है जिससे धूल उड़ती है और लोगों के नाक में समा रही है। जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं।


केस टू - मुख्य मार्ग
मुख्य मार्ग में जबसे डिवाइडर बना है यह मार्ग भी लोगों के लिए जी जंजाल बन गया है। अफसर भले ही इसे प्रयोग करते हुए डिवाइडर का निर्माण कर दिया है, लेकिन संकरी सड़क होने के कारण इस मार्ग में चलना खतरे से खाली नहीं है। डिवाडर भी टूट फूट रहा है। निर्माण के समय से इस मार्ग में धूल का गुबार छाया रहता है।

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केस थ्री - कलेक्टोरेट मार्ग
कलेक्टोरेट मार्ग भी इन दिनों निर्माणाधीन है। इस मार्ग में चलना है तो लोगों को स्कार्फ बांधना ही पड़ेगा। नहीं तो आपको यह मार्ग बीमार कर देगा। क्योंकि सड़क निर्माणाधीन है। निर्माणाधीन सड़क में मिट्टी पाटा गया है। यही मिट्टी भरी सड़क लोगों के जान के दुश्मन बने हुए हैं। यह मार्ग भी भारी व्यस्ततम बन गया है। क्योंकि कलेक्टोरेट से लेकर सारे बड़े दफ्तर इसी मार्ग में है। इस मार्ग में भी अब चौबीसों घंटे भारी वाहन चल रहे हैं। जिससे धूल का गुबार छाया रहता है। जिस पर आवागमन करने भारी परेशानी हो रही


केस थ्री - चांपा मार्ग
तीन साल से बन रहे आरओबी को अभी साल भर और लगेंगे। वर्तमान में यहां कीचड़ का अंबार है। फाटक बंद होते ही भारी वाहनों का अंबार लग जाता है। इससे यहां से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। भारी भरकम वाहनों के गुजरने से इस मार्ग में भी धूल का गुबार छाया रहता है। जिससे इस मार्ग में आवागमन करना जीवन को संकट में डालने से कम महसूस नहीं होता।

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