scriptआधी सड़क में खड़े रहे वाहन, शहर का फोरलेन दिखने लगा अब टू-लेन | Vehicles parked in half the road, the city's four lane now looks like | Patrika News

आधी सड़क में खड़े रहे वाहन, शहर का फोरलेन दिखने लगा अब टू-लेन

locationजांजगीर चंपाPublished: Feb 17, 2024 09:24:37 pm

Submitted by:

Ashish Tiwari

शहर में पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। यही कारण है कि चाहे बाजार हो या फिर सरकारी अस्पताल, बैंक हो या मैरिज गार्डन इन सभी जगहों पर सड़क के किनारे पर ही मजबूरन लोगों को अपने वाहन खड़े करना पड़ते हैं। सार्वजनिक संस्थानों के निर्माण एवं संचालन के लिए करोड़ों रुपए तो खर्च हो जाते हैं, लेकिन पार्किंग व्यवस्था को जरा भी तवज्जो नहीं देकर सब कुछ भगवान भरोसे छोड़ देते हैं, इससे ट्रैफिक व्यवस्था पर भारी असर पड़ता है व पैदल चलने वालों को भारी तकलीफों का सामना करना पड़ता है।

आधी सड़क में खड़े रहे वाहन, शहर का फोरलेन दिखने लगा अब टू-लेन

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शहर के प्रमुख मार्गो अब टू-लेन के बजाय फोरलेन तो बन गया है। लेकिन कोई काम नहीं है। आधी सड़क में वाहन खड़े हो रहे है। शहर का फोरलेन टू-लेन दिखने लगा है। सबसे बड़ी बात यह है कि जिम्मेदार यातायात विभाग व नगरपालिका को शहर में व्यवस्था बनाने कोई सरोकार नहीं है। इसलिए बैंक व हर दुकान के सामने पार्किंग नहीं होने से लोग सड़क में वाहन खड़े रहे है। इससे सड़क संकरा हो जाने से हमेशा दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। शायद जिम्मेदारों को बड़ा हादसे का इंतजार है। शहर के सबसे व्यस्ततम मार्ग सहित चौक-चौराहों में पार्किंग सड़क के नजदीक ही हो रही है। यह हाल शहर चांपा रोड विवेकानंद मार्ग, कचहरी चौक से नेताजी तक, बस स्टेंड सहित शहर के अन्य जगह भी देखे जा सकते है। सड़क किनारे दुकानों के सामने खड़े हो रहे दो पहिया, चार पहिया वाहन बेतरतीब तरीके से खड़े होकर आधे सड़क तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई फोरलेन सड़क टू लेन नजर आने लगी है। इस तरह के हालात शहर के सभी मेन रोड में हर दिन बने हुए दिखते हैं। आड़े तिरछे वाहन डिवाई के दोनों ओर ८-८ मीटर चौड़ी सड़क पर वाहनों के आवागमन के लिए मात्र साढ़े तीन से चार मीटर जगह बच रही है। जिससे तेज रफ्तार निकल रहे छोटे सहित भारी वाहनों से हादसे की आशंका बनी रहती है। लेकिन इसके बाद भी शहर की ट्रैफिक और नगरपालिका को व्यवस्था में सुधार करने कोई ध्यान नहीं है। शहर में ट्रैफिक पुलिस बड़े कार्यक्रम व त्यौहार के अलावा नजर नहीं आते है। हालांकि चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस ड्यूटी करते नजर आते है। लेकिन उनको व्यवस्था बनाने में कोई मतलब नहीं है। ड्यूटी के दौरान कभी भी चौक में नजर नहीं आते है, कभी बाइक में तो कभी आसपास पान ठेले में टाइमपास करते रहे है।

दुकानदार व बैंक भवन मालिक पर आज तक कार्रवाई नहीं


नियम के अनुसार व्यवसायिक प्रतिष्ठान व बैंक के लिए किराए दे रहे है तो मकान मालिक को पहले पार्किंग के लिए व्यवस्था बनाना बहुत जरूरी होता है। पार्किंग के बाद ही मकान निर्माण करने की अनुमति मिलती है। लेकिन शहर में एसबीआई मेन ब्रांच, नैला रोड स्थित एसबीआई, पीएनबी सहित अन्य किसी बैंक के पास अपना पार्किग व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा दुकानदारों का भी कुछ ऐसा हाल है। पुलिस चालकों पर कार्रवाई करती है लेकिन आज तक दुकानदारों व मकान मालिकों पर कार्रवाई या नोटिस नहीं दिया गया है।

फुटपाथ रखा दुकानों का सामान


लिंक रोड, नेताजी चौक से कचहरी चौक व विवेकानंद मार्ग में दुकानें सहित बैंक शाखाएं और स्कूल-कॉलेज संचालित हो रहे। इस कारण राहगिरों की आवाजाही बनी रहती है। लाखों रुपए खर्च कर फोरलेन रोड के साथ नाली बनाई है, जिसको ऊपर आरसीसी कर फुटपाथ के तौर उपयोग किया जाना है। फुटपाथ ऊपर दुकानदारों ने सामान रख लिया है तो पैदल चलने वालों को रोड पर चलना पड़ रहा है।

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