
भारत देश गांवों में बसता है इसलिए जागरूक बनाने की जिम्मेदारी स्वयं सेवकों की, पढि़ए और क्या कहा कुलपति शर्मा ने...
जांजगीर-चांपा. कुलपति शर्मा ने स्वयंसेवकों को विद्या अध्ययन के साथ समाज सेवा व देश सेवा का पाठ पढ़ाया और कहा कि भारत देश गांवों में बसता है इसलिए स्वच्छ, स्वस्थ, जागरूक व शिक्षित गांव बनाने के लिए स्वयं सेवकों को गांव की सेवा करनी होगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से मिलकर मूलभूत समस्या के समाधान का प्रयास स्वयंसेवकों को करना चाहिए। कुलपति शर्मा ने कहा कि इस कॉलेज की सांस्कृतिक गतिविधियां पूरे बिलासपुर विश्वविद्यालय में प्रसंशनीय है।
यह बातें चैतन्य कॉलेज पामगढ़ में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना के स्थापना दिवस के मौके पर बिलासपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गौरीदत्त शर्मा ने कही। माता सरस्वती व युवाओं के प्रेरणा स्रोत स्वामी विवेकानंद के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण एवं पूजन बिलासपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गौरीदत्त शर्मा एवं अन्य अतिथियों के द्वारा किया गया।
अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ से तथा रासेयो छात्राओं ने रासेयो बैच लगाकर किया। डॉ. गरिमा तिवारी ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि कॉलेज की विकास यात्रा और अंचल के शिक्षा स्तर में उन्नति लाने के लिए सांस्कृतिक शैक्षिक, शाररिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा देना इस कॉलेज का प्रथम उत्तरदायित्व है। प्राचार्य एवं संरक्षक डॉ. शरद के बाजपेयी ने स्वयं सेवकों को नैतिक कर्तव्यों पर निरंतर अग्रसर रहने की बात कही।
शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन व समाज के हितों की रक्षा स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण कार्य है। इसलिए सभी को अपने कर्तव्यों का चिंतन मनन करना चाहिए। कॉलेज संचालक वीरेन्द्र तिवारी ने शुभकामना प्रदान करते हुए नई सोच को साकार करने के लिए स्वयं सेवकों को निष्ठा के साथ लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित करने की बात कही। रासेयो से श्रमकल्याण, नैतिक शिक्षा व सामाजिक चेतना की शिक्षा प्राप्त होती है। देश की सेवा में आगे आने की बात कही।
इसी बीच रासेयो कार्यक्रम अधिकारी संजय बघेल द्वारा निर्देशित मतदाता जागरूकता पर नुक्कड़ नाटक व रासेयो गीत प्रस्तुत किया गया, जिसे देखकर कुलपति शर्मा ने रासेयो इकाई व मलखम्ब खिलाडिय़ों की जमकर तारीफ की। मलखम्ब के खिलाडिय़ों ने भी अपने प्रदर्शन से आगंतुको का मन मोहा। स्वयंसेवकों को बी प्रमाण पत्र से कुलपति ने सम्मानित किया। इसके साथ ही व्यक्तित्व विकास के लिए व्याख्यानमाला आयोजन किया गया। विवेक जोगलेकर ने छात्र-छात्राओं को जीवन जीने की कला के साथ अपने आचार-विचार व ज्ञान को लगातार विकसित करते रहने की बात कही। कार्यक्रम में गणमान्य नागरिकों के साथ छात्र-छात्राएं व महाविद्यालय के स्टाफ उपस्थित थे।
Published on:
30 Sept 2018 05:50 pm
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