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जांजगीर चंपा

Video Gallery : बस नहीं पहुंचती स्टैंड, बस संचालक बीच सड़क व चौक-चौराहे से ही भर लेते हैं सवारी

रेलवे स्टेशन से बस स्टैण्ड की दूरी महज चार किलोमीटर होने के बाद भी यहां यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है

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जांजगीर-चांपा. प्रधानमंत्री के आने से पहले पालिका द्वारा बस स्टैण्ड की सफाई व पेंटिग तो करवा दिया है, लेकिन फिर से कुछ ही दिनों में बस स्टैण्ड की दशा बदलने में देरी नहीं होगी। क्योंकि देखरेख के अभाव में सफाई के लिए पालिका ध्यान नहीं देती है। जिला मुख्यालय केरा रोड पर स्थित एकमात्र बस स्टैंड होने के बाद भी बस नहीं पहुंच पाती है। यहां केवल पामगढ़, शिवरीनारायण की ओर जाने वाली बस सिर्फ बस स्टैंड पर पहुंचती है। जबकि बलौदा, चांपा, कोरबा, रायगढ़ की ओर जाने वाली बस स्टैंड में नहीं पहुंचती है। ठीक इसी तरह रेलवे स्टेशन से बस स्टैण्ड महज चार किलोमीटर का दायरा होने के बाद भी यहां यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

नवागढ़ व शिवरीनारायण के यात्रियों ने बताया कि चांपा जाने के लिए उन्हें ऑटो से कचहरी चौक के लिए जाना पड़ेगा। उसके बाद वहां से बस से चांपा जाना है। चांपा की ओर से आने वाली बस से यात्रियों को अगर नवागढ़, शिवरीनारायण जाना है तो पहले ऑटो से बस स्टैण्ड जाना पड़ता है। पालिका द्वारा बसों के स्टापेज के लिए कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यात्रियों को लगता है इस स्टैंड को बंद कर दिया गया है क्योंकि इस स्टैंड में बस के आने का इंतजार रहता है। बस संचालकों द्वारा सड़क या चौक-चौराहे से ही सवारी चढ़ा ली जाती है। बस स्टैंड केरा रोड में अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।

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स्टैंड में असुरक्षा का माहौल
बस स्टैंड में सुबह होते ही असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग जाता है। इससे यात्री स्वयं को असुरक्षित महसूस करते हैं। स्टैंड के पास में ही शराब दुकान होने के कारण स्टैंड में सुबह से ही शराबियों द्वारा जाम छलकाया जाता है और शोर-शराबा किया जाता है। इससे यात्री अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हैं। असामाजिक तत्वों द्वारा स्टैंड के अंदर, छत में बाहर परिसर पर बैठकर शराबखोरी की जाती है। पुलिस द्वारा उन पर कड़ी कार्रवाई नहीं होने के चलते उनके हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और वे खुलेआम स्टैंड में शराबखोरी कर रहे हैं।

सहेजने पालिका नहीं ले रही दिलचस्पी
बस स्टैंड स्टैंड के विकास व सुविधाओं की दिशा में पालिका प्रशासन से कोई पहल नजर नहीं आ रही है। यात्री सुविधाओं के विकास की बात तो दूर मौजूद संसाधनों का रख-रखाव व बेहतर ढंग से संचालन भी नहीं हो पा रहा है। इससे स्टैंड में बैठने के लिए बनाए गए स्लेब व लगे खिड़की दरवाजे टूट चुके हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बाउंड्रीवाल की हालत भी ट्रक की ठोकर खाकर खस्ताहाल हो चुका है। इसको लेकर पालिका से कोई ठोस पहल नहीं हो रही हैए जिससे बस स्टैंड में बदहाली का आलम है।