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मरीजों को कैसा खाना दिया जा रहा, मॉनिटरिंग भगवान भरोसे

जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को मेन्यु के आधार ठेकेदार के द्वारा खाना दिया जा रहा है या नहीं इसकी मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी अस्पताल प्रबंधन की है लेकिन इसमें गंभीर लापरवाही नजर आ रही है। कहने को तो सिविल सर्जन के द्वारा अस्पताल के तीन डॉक्टरों को जिम्मेदारी दी है कि बीच-बीच में खाना वितरण की गुणवत्ता और मेन्यु की जांच करें मगर मरीजों को जिस समय खाना परोसा जाता है कोई भी मॉनिटरिंग के लिए मौजूद नहीं रहते।

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मरीजों को कैसा खाना दिया जा रहा, मॉनिटरिंग भगवान भरोसे

मरीजों को कैसा खाना दिया जा रहा, मॉनिटरिंग भगवान भरोसे

जांजगीर-चांपा. इसके चलते जहां ठेकेदार को मनमानी करने का मौका मिल रहा है तो वहीं मरीजों को पोष्टिक आहार के लिए जो खाना परोसा जा रहा है खाने की मजबूरी बन गई है। अस्पताल प्रबंधन की माने तो किसी मरीज की शिकायत नहीं आने का हवाला दिया जा रहा है लेकिन अधिकारी मरीज यहां ग्रामीण क्षेत्र के रहते हैं। जिन्हें जानकारी नहीं है कि उन्हें खाने में क्या-क्या देने सरकार का प्रावधान किया है। अगर कोई मरीज और परिजन भूले-भटके अगर खाना बांटने वाले कर्मचारी या सुपरवाइजर से कुछ कह भी देते हैं तो उसे ही उल्टा जवाब दे देते है कि जो दे रहे हैं उतना ही मिलता है। इसके चलते मरीज और परिजन भी चुप रह जाते हैँ।
कर्मचारियों ने कहा जैसा भैया कहते हैं देते हैं खाना
रविवार को भी अस्पताल में यही ढर्रा चलता रहा। आर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों को पानी का बोतल नहीं दिया जा रहा था। पानी बोतल नहीं दिए जाने के संबंध में पूछने पर वार्ड में खाना बांटने पहुंचने ठेकेदार के कर्मचारी पहले हड़बड़ा गए। फिर एक ने पानी बोतल देने की बात कही तो और कहा कि मरीज मांगते हैं तो देते हैं। दूसरे कर्मचारी ने कहा कि केवल इमरजेसी वाले मरीजों को पानी बोतल देते हैं। भैया (सुपरवाइजर) जैसा कहते हैं उसी के अनुसार काम कर रहे हैं। वार्ड में खाना लेकर पहुंचे कर्मचारियों ने खाने के साथ ट्रे में पानी बोतल का एक कार्टून केवल दिखाने के लिए रखा था जो कार्टून सील पैक ही था और कई वार्डो में खाना बांट चुके थे। पत्रिका ने सब कुछ अपने कैमरे में रिकार्ड कर लिया और सिविल सर्जन डॉ. एके जगत को अवगत कराया।
बिलासपुर की महिला समूह को मिला है काम
बता दें, जिला अस्पताल में मरीजों को खाना खिलाने का ठेका बिलासपुर की अंकित महिला स्व सहायता समूह को मिला है लेकिन बताया जा रहा है कि महिला समूह के प्रतिनिधियों के द्वारा यहां खाना बांटने का काम किया जाता है। अस्पताल में वितरण के काम एक सुपरवाइजर है जिसके देखरेख में सारा काम होता है।