
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की मतगणना के तैयारियों की समीक्षा की
इस बार दोनों जिलों के विधानसभा चुनाव के परिणाम को लेकर लोगों में भारी उत्सुकता है क्योंकि लगभग सभी सीटों में कांटे की टक्कर रही है और किसके पक्ष में परिणाम गया है इसको लेकर राजनैतिक पंडित भी सटिक जवाब नहीं दे पा रहे। ऐसे में किसको हार मिली और कौन जीत, यह जानने के लिए लोग ब्रेसबी से इंतजार कर रहे हैं जो इंतजार अब चंद घंटे बाद ही खत्म होने वाला है। यह भी कहा जा रहा है कि कोई भी जीते, हार-जीत का अंतर ज्यादा नहीं रहेगा। दोनों जिले के छहों विधानसभा के लिए मतगणना सुबह 8 बजे से शुरु होगी और सुबह 9 बजे से रुझान भी आना शुरु हो जाएगा। शाम तक स्थिति भी क्लीयर हो जाएगी। जांजगीर-चांपा जिले में पॉलिटेक्निक भवन में तो सक्ती जिले के लिए काउंटिंग कृषि उपज मंडी नंदेलीभाठा में मतगणना होगी। इसके लिए जिला प्रशासन ने चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं।
जांजगीर-चांपा विधानसभा
प्रदेश का यह हाईप्रोफाइल सीट है। इस सीट के परिणाम क्या होगा, इसको लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है। क्योंकि नेताओं का कैरियर भी चुनाव से तय होगा। एक ओर जहां भाजपा के दिग्गज नेता और छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष रहे नारायण चंदेल की साख दांव पर लगी हुई है तो दूसरी ओर कांग्रेस के व्यास कश्यप है। बीजेपी को यहां जीत मिलती है तो एक नया रिकार्ड बन जाएगा क्योंकि अब तक यहां किसी दल को लगातार दोबारा जीत नहीं मिली है। वहीं कांग्रेस को जीत मिलती है तो एक बार कांग्रेस और एक बार बीजेपी की जीत का इतिहास फिर से दोहराएगा।
पामगढ़ विधानसभा
एससी वर्ग के आरक्षित पामगढ़ विधानसभा सीट भी चर्चा में है। एक ओर जहां बसपा की सीटिंग एमएलए इंदू बंजारे की साख दोबारा दाव में है तो बसपा के गढ़ कहे जाने वाले इस सीट को भेदने इस बार कांग्रेस ने शेषराज हरवंश पर दांव लगाया है, जिन पर बाहरी होने की बात उठी थी और विरोध भी सामने आया था। वहीं बीजेपी प्रत्याशी के पिछडऩे की बात सामने आई। खैर जनता ने किसे चुना है इसका आज फैसला हो जाएगा। बता दें, जांजगीर-चांपा जिले के इसी विधानसभा सीट में सबसे कम मतदान भी हुआ है। पामगढ़ विधानसभा का परिणाम भी सबसे पहले आने की बात सामने आ रही है।
अकलतरा विधानसभा
जिले का अकलतरा सीट इस बार काफी चर्चा में है क्योंकि इस बार यहां चुनाव मैदान में चाचा और भतीजा आमने सामने रहे हैं। बीजेपी विधायक सौरभ सिंह जीतते हैं तो लगातार तीसरी बार जीतने का रिकार्ड बनाएंगे। वहीं कांगे्रेस के राघवेन्द्र सिंह अगर जीते तो यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि जनता ने इस बार नए चेहरे पर भरोसा जताया। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस जे से ऋचा जोगी, आप से आनंद प्रकाश मिरी और बसपा से डॉ. विनोद शर्मा के चुनाव मैदान में उतरने से पंचकोणीय मुकाबला के आसार दिख रहे थे जो चुनाव के दिन नजर नहीं आए।
सक्ती विधानसभा
जांजगीर-चांपा जिला से अलग होकर बने सक्ती जिले का सक्ती विधानसभा सीट प्रदेश का हाट-सीट बन गया है। यहां से छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष और क्षेत्रीय विधायक डॉ. चरणदास महंत दूसरी बार मैदान में है और सत्तासीन होने के कारण यह सीट कांग्रेस के लिए जीतना बहुत महत्वपूर्ण है। यहां से डॉ. महंत जीतते है तो प्रदेश में एक मिथक भी तोड़ देंगे कि विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद कोई दोबारा चुनाव नहीं जीतते हैं। वहीं बीजेपी से डॉ. खिलावन साहू जीतते हैं तो सक्ती क्षेत्र से दूसरी बार एमएलए बनेंगे।
जैजैपुर विधानसभा
बसपा के यह सीट काफी महत्वपूर्ण है। क्योंकि प्रदेश के 90 विधानसभा सीट में से पिछले चुनाव में केवल दो सीटें ही बसपा के खाते में गई थी। इनमें से एक सीट जैजैपुर विधानसभा भी थी जिसे केशव प्रसाद चंद्रा ने बसपा की झोली में डाला था। ऐसे में वे जीतते हैं तो लगातार तीसरी बार जनता का प्यार उन्हें मिलेगा। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस से यहां नया चेहरा बालेश्वर साहू है जिन्होंने क्षेत्र में कड़ी टक्कर दी थी। वे जीते तो पहली बार विधायक बनेंगे।
चंद्रपुर विधानसभा
चंद्रपुर विधानसभा में कांग्रेस और बीजेपी के बीच ही सीधा मुकाबला रहा है। ऐसे में कांग्रेस को यहां से जीत मिलती है तो लगातार दूसरी बार रामकुमार यादव यहां से विधायक बनेंगे। पिछले चुनाव में जनता का प्यार उन्हें मिला था। वहीं बीजेपी के पूर्व विधायक स्व. युद्धवीर सिंह जूदेव की धर्मपत्नी बहूरानी संयोगिता सिंह जूदेव जीतती है तो पहली बार विधायक बनेंगी। पिछली बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
होटल-लॉज सब बुक, आतिशबाजी की तैयारी
चुनाव परिणाम को लेकर शहर के होटल-लॉज सब बुक हो चुके हैं। राजनैतिक दलों के पदाधिकारी और समर्थक अपने-अपने स्तर पर जीत का जश्न मनाने की तैयारी में जुट गए हैं। आतिशबाजी, फूल माला, अजगरमाला, रथ आदि की तैयारी की जा रही है ताकि जैसे ही चुनाव परिणाम आएगा, विजेता दल धूमधाम से विजय रैली निकालेंगे और जमकर आतिशबाजी होगी। हालांकि तैयारी गुपचुप हो रही है क्योंकि कभी हार मिल गई तो किरकिरी हो जाएगी।
पामगढ़ का सबसे पहले, अंत में जांजगीर-चांपा का परिणाम
बताया जा रहा है कि पामगढ़ सीट का रिजल्ट पहले आएगा। यहां जिले में सबसे कम 214 बूथ हैं और 1 लाख 48 हजार 669 वोट डले हैं। ऐसे में यहां की गिनती पहले हो जाएगी। दूसरे क्रम में अकलतरा और सबस अंत में जांजगीर-चांपा सीट का रिजल्ट आएगा। यहां तीनों विधानसभा में सबसे ज्यादा 220 बूथ हैं।
Published on:
02 Dec 2023 10:03 pm
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