
धोखाधड़ी (Photo Patrika)
CG Fraud News: जशपुर पुलिस ने भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जमीन के नाम पर 45 लाख की धोखाधड़ी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इन आरोपियों ने मृतक शिक्षक की पत्नी को झांसा देकर भारतमाला परियोजना में अधिग्रहित जमीन का सौदा कर डाला था। इस मामले की शिकायत पर थाना कुनकुरी में धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम जोरा तराई, थाना नारायणपुर निवासी गोरेती मिंज उम्र 57 वर्ष, जिनके पति अनिल मिंज की 2021 में मृत्यु हो चुकी है, को शिक्षक सेवा समाप्ति पर विभाग से 56 लाख रुपए की अनुग्रह राशि मिली थी। इस राशि मे से कुनकुरी क्षेत्र में जमीन खरीदने में लगाना चाहती थीं। इस बीच, उनके दामाद ने डुगडुगिया निवासी नीरज प्रजापति उम्र 39 वर्ष से संपर्क कराया, जो जमीन की खरीद-बिक्री का काम करता है। नीरज ने अपने साथी दिलीप राम उम्र 29 वर्ष, निवासी खूंटी टोली, थाना दुलदुला के साथ मिलकर कुनकुरी-डुगडुगिया के पास एनएच 43 किनारे खसरा नंबर 345/1 की भूमि दिखाकर 30 लाख में 10 डिसमिल जमीन का सौदा तय किया। एक लाख रुपए एडवांस लेकर एग्रीमेंट भी करा लिया गया।
बाद में, शादी के नाम पर आरोपी दिलीप ने ढाई लाख रुपए और वसूले। जब रजिस्ट्री की बात आई तो बहाना बनाकर आरोपियों ने कहा कि रजिस्ट्री जशपुर में होगी, और जमीन 10 की बजाय 12 डिसमिल बताकर 6 लाख रुपए अतिरिक्त वसूले। कुल 36.5 लाख रुपए की रकम रजिस्ट्री के नाम पर वसूल की गई।
रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपीनीरज प्रजापति उम्र 39 वर्ष निवासी, डुगडुगिया, थाना कुनकुरी, दिलीप राम उम्र 29 वर्ष, निवासी ग्राम खूंटी टोली, थाना दुलदुला गोवर्धन यादव उम्र 32 वर्ष, निवासी ग्राम सीरिमकेला, थाना दुलदुला, एवं घनश्याम यादव उम्र 53 वर्ष निवासी ग्राम सीरिमकेला थाना दुलदुला जिला जशपुर के खिलाफ थाना कुनकुरी में धारा 420, 467, 468, 471 और 120 (बी) भादंवि के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस मामले पर कहा, ऽमहिला से धोखे से अन्य जमीन की रजिस्ट्री कर ठगी करने वाले भू-माफियाओं को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है। इस तरह के अपराध को जशपुर पुलिस बर्दाश्त नहीं करेगी। यदि कोई नागरिक ऐसे षड्यंत्र का शिकार होता है तो तत्काल पुलिस को सूचित करें।
रजिस्ट्री के बाद जब पीड़िता ने नामांतरण कराने की कोशिश की, तो पता चला कि खसरा नंबर बदलकर 345/14 की ज़मीन रजिस्ट्री कराई गई है, जो भारतमाला परियोजना के अधीन आ चुकी है और अब उसका नामांतरण संभव नहीं है। इस तरह झांसा देकर रजिस्ट्री कर ठगी की गई। जांच में यह भी सामने आया कि इसी अधिग्रहित भूमि का 21 लाख मुआवजा भी आरोपियों ने आपस में बांट लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने इस अपराध को स्वीकार किया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कुनकुरी राकेश यादव, एएसआई ईश्वर वारले, प्रधान आरक्षक छविलाल पैंकरा, आरक्षक चंद्रशेखर बंजारे, भूपेंद्र यादव एवं नंदलाल यादव की सराहनीय भूमिका रही।
Updated on:
20 Jul 2025 01:19 pm
Published on:
20 Jul 2025 01:19 pm
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