
शहर के 10 स्थानों में बनना था प्रसाधन कक्ष, मंजूरी के बाद बना मात्र तीन जगह
जशपुरनगर. शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों में पुरुष व महिलाओं के लिए प्रसाधन कक्ष (यूरीनल) की व्यवस्था नहीं है। जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। विशेषकर महिलाओं को कई बार असहज स्थिति का सामना करना पड़ता है। बताया जाता है कि दो साल पहले नगर पालिका ने करीब 10 यूरीनल बनाने का प्रस्ताव बनाकर शासन के पास भेजा था।
जिसे मंजूरी मिलने के बाद १० में से मात्र ३ स्थानों पर ही यूरीनल बनाया गया है। हालांकि नगर पालिका के द्वारा नगरीय क्षेत्र में कुल 7 सामुदायिक सुलभ शौचालय बनाए गए हैं। नगर पालिका नगरीय क्षेत्र को खुले में शौच मुक्त करने की दिशा में प्रयास कर रहा है। पर मुख्य मार्केट स्थलों में प्रसाधन कक्ष बनाने के प्रति गंभीर नहीं है। नगरीय क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों में यूरीनल की कोई उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बाहर से आने वाले लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शहर के कई स्थानों में यूरीनल की आवश्यक्ता महसूस की जा रही है। जिसे देखते हुए नगर पालिका के द्वारा 2015 में शहरी क्षेत्र के मुख्य मार्केट स्थलों के आसपास पुरुष व महिला प्रसाधन कक्ष बनाने का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। जिसकी लागत करीब 8 लाख थी। लेकिन प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद नगर पालिका के पास जगह का अभाव होने के कारण अभी तक तीन सार्वजनिक स्थानों में यूरीनल बना सका है।
प्रसाधन कक्ष में है गंदगी का आलम : शासन ने मंजूरी नहीं मिलने और फंड के अभाव में जरूरत के मुताबिक प्रसाधन कक्ष तो नगरीय क्षेत्र में नहीं है। पर नगर पालिका ने पार्षद निधि से शहर के मुख्य मार्ग में फैशन हाउस के पीछे एक प्रसाधन कक्ष बनवाया है। पर उसकी हालत भी खस्ता हो रही है। अंदर गंदगी का आलम रहता है। जिससे इस प्रसाधन कक्ष का उपयोग करने पर संक्रमण का खतरा बना रहता है। वहीं इसके दरवाजों में भी टूट-फूट होने लगी है।
इन स्थानों पर है अधिक आवश्यकता : नगरीय क्षेत्र में खासकर खेल मैदानों के पास, कॉमर्शियल एरिया, सरकारी दफ्तरों की अधिकता वाले क्षेत्रों में यूरीनल की अधिक आवश्यकता महसूस की जा रही है। इन क्षेत्रों में रोजाना दो से तीन हजार लोग अपने कामों से पहुंचते हैं। हालांकि कलक्टोरेट के सामने, बाजारडांड़ और बस स्टैंड में सुलभ शौचालय है। पर इसके बावजूद ऐसे स्थानों में और अधिक प्रसाधन कक्ष खोले जाने की जरूरत है। इस बात को नगर पालिका के अधिकारी भी महसूस करते हैं।
शहर के तीन सार्वजनिक स्थानों में यूरिनल की स्थापना की जा चूकी है। अन्य सात स्थानों में जगह नहीं मिलने के कारण यूरनिल का निर्माण नहीं कराया जा सका है।
जितेंद्र कुमार कुशवाहा, सीएमओ नगरपालिका जशपुर
Published on:
09 Feb 2019 12:23 pm
बड़ी खबरें
View Allजशपुर नगर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
