7 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नाली निर्माण में किया घटिया सामग्री का उपयोग

पहली बारिश में ही टूटकर नाली में समा गई नाली की दीवार , करोड़ों खर्च होने के बाद भी वार्डवासियों को नालियों का लाभ नहीं

2 min read
Google source verification
Use of poor material done in drain construction

नाली निर्माण में किया घटिया सामग्री का उपयोग

पत्थलगांव. नालियों की परेशानी से बारिश शहर के लोगो के लिए आफत बन गई है, पिछले दो वर्षो मे दो करोड रुपए नगर पंचायत ने नालियों के निर्माण मे लगाए लेकिन शहर दो वार्डो मे भी लोगो को गंदे पानी की निकासी के लिए नालियों का लाभ नही मिल पा रहा है।
शहर के लोगों ने बताया कि वार्ड क्रमांक 11 बिलाईटांगर मे ठेकेदार ने दो साल मे दो बार नाली बनाई लेकिन दोनो ही साल पहली बारिश मे ही इस नाली की दीवार गिरकर नाली मे ही समा गई। वार्ड वासियों ने इस बात की शिकायत नगर पंचायत अधिकारी को की, पर अब तक कोई सार्थक पहल नही निकल सकी। शहर के लोग गंदे पानी की निकासी के लिए नालियों की बदहाली का दंश झेल रहे हैं। बगैर गुणवत्ता एवं मापदंड के बनाई गई नालियां लोगो के लिए मुसीबत बन गई है। किसी वार्ड की नाली का गंदा पानी सडक पर बह रहा है तो, कही की नाली का पानी लोगो के घर व दुकान मे घुस रहा है, जिसको लेकर लोग अब अच्छे खासे परेशान हो चुके है। रह रहकर अपने-अपने तरीके से विरोध जता रहे हैं शहर के युवा नेता संजय तिवारी ने बताया कि वार्ड क्रमांक 11 मे ठेकेदार ने खुलकर लापरवाही बरती, ठेकेदार द्वारा नाली निर्माण के दौरान गुणवत्ता की अनदेखी करने से दो साल मे दो बार नाली की दीवार बह गई।
बर्तनों से पानी भरकर फेंक रहे हैं लोग : अब वार्ड क्रमांक 11 के लोग अपने घर का गंदा पानी बर्तनो मे भरकर बाहर फेंक रहे हैं। बताया जाता है कि ठेकेदार ने इस वार्ड मे दो बार बनाई गई नाली पहली बारिश मे ही गिरकर नाली मे समा गई। इसके बाद लोगो ने तत्कालीन जिला कलेक्टर प्रियंका शुक्ला के पास शिकायत भेजी थी, जिस पर उन्होने तत्काल कार्यवाही करने के आदेश दिए थे, पर कलेक्टर के आदेश पर कार्यवाही तो नहीं हुई नगर पंचायत ने नाली की दीवार की मरम्मत जरूर करा दी। अब इस नाली की दीवार पहली बारिश मे दोबारा टूटकर नाली मे गिर चुकी है।

घरों में घुस रहा गंदा पानी : शहरवासियों के लिए हर बार बारिश आफत बनकर आती है। शहर मे नालियों की अव्यवस्था रहने के कारण लोग बारिश आते ही चिंता मे डूब जाते है। पिछले वर्ष वार्डवासियों ने पूर्व विधायक शिवशंकर साय पैंकरा को नालियों की स्थिति से अवगत कराकर एक ज्ञापन सौंपा था, जिसके बाद पूर्व विधायक ने अपने मद से नाली निर्माण के लिए दस लाख रुपए की स्वीकृति दी थी।
इंजीनियर द्वारा निरीक्षण ना करने का नतीजा : शहर के अनेक वार्ड मे ठेकेदार द्वारा बनाई गई नाली का निरीक्षण इंजीनियर नही करते, जिसके कारण ठेकेदार मनमानी तरीके से निर्माण कार्य करा देते हैं। बताया जाता है कि शहर मे बनाई गई अधिकांश नालियां गुणवत्ताहीन होने के अलावा मापदंड से हटकर बनाई गई हैं। मजदूर नेता बबलू तिवारी ने बताया कि नालियों मे गंदे पानी की निकासी के लिए ढ़लान की ओर वाटर लेबल का मिलान नही किया गया है। जिसके कारण गंदा पानी नालियों मे जमा होकर बरसात के दौरान वह लोगो के घर व प्रतिष्ठान मे प्रवेश करता है। नगर पंचायत के इंजीनियर हमेंशा ठेकेदारो को गुणवत्ता से हटकर काम कराने की छूट देकर नागरिको के लिए परेशानी खड़े करते है। इनका आरोप था कि नागरिको की परेशानी मे नगरपंचायत के इंजीनियर की भूमिका भी बराबर की है।

बड़ी खबरें

View All

जशपुर नगर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग