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बेहोश महिलाओं पर बरसती रही दबंगों की लाठी, कई अस्पताल में भर्ती

- पहले आंखों और फेंका मिर्च पावडर, फिर बच्चों और महिलाओं पर टूटा कहर - पुलिस के मुखबिर ने साथियों संग दिया घटना को अंजाम, नौ जख्मी

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बेहोश महिलाओं पर बरसती रही दबंगों की लाठी, कई अस्पताल में भर्ती

बेहोश महिलाओं पर बरसती रही दबंगों की लाठी, कई अस्पताल में भर्ती

जौनपुर. सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के पोटरिया गांव में रविवार रात दबंगों का क़हर एक ग़रीब परिवार पर टूटा। लाठी-डंडे से लैस कई युवकों ने घर पर धावा बोल कर बच्चों, महिलाओं को पीट पीटकर अधमरा कर दिया। उनकी पहचान न हो सके इसके लिए आंखों में लाल मिर्च पाउडर भी फेंक दिया। महिलाएं अचेत होकर गिर पड़ीं फिर भी मनबढ़ उन्हें पीटते रहे। तोड़फोड़ कर सामान क्षतिग्रस्त कर दिया। घायलों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमलावर पुलिस का मुखबिर बताया जा रहा है।

इसरार अंसारी और आलमगीर अंसारी की गांव के एक दबंग युवक से रंजिश चल रही है। युवक थाने का मुखबिर बताया जा रहा है। इसलिए थाने पर उसकी धाक है। रंजिश को लेकर युवक रविवार की देर शाम बाहर के कुछ बदमाशों संग इसरार और आलमगीर के घर धावा बोल दिया। जो मिला उसकी बर्बरता से पिटाई शुरू कर दी। छोटे बच्चों और महिलाओं तक को नहीं छोड़ा। पिटाई से बेहोश हुई महिलाओं पर लाठी बरसाते रहे।

इसमें अहमद व उनकी पत्नी किताबुन निशा, बेटे अंसार अहमद, शमशेर, फुरकान, अबु सहमा पुत्र अनसार अहमद व हकीकुन निशा पत्नी शमशेर ,आलमगीर के बेटे सहबान, बेटी नाजरीन को गंभीर चोट लगी। हमलावार के परिवार के लोग पहचान छुपाने के लिए पीड़ितों की आंख में लाल मिर्च पाउडर फेंक रहे थे।

बदमाशों के फरार होने के बाद एसएचओ संजीव मिश्र ने हल्का दरोगा राम सुंदर व दो सिपाही को तत्काल मौके पर भेजा। आरोप है कि घर पहुंचे दरोगा ने पीड़ित पक्ष की महिलाओं पर स्वांग रचने का आरोप लगाते हुए गाली गलौज शुरू कर दी। लिखा पढ़ी के नाम पर घायलों को घंटे भर थाने के बाहर रोके रखा गया। इस दौरान जख्मी महिलाएं व बच्चे दर्द से कराह रहे थे। काफी देर बाद उन्हें उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र करंजाकला भेजा गया। जहां चिकित्सकों ने किताबुन निशा व हकीकुन निशा की हालत गंभीर देखते हुए जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। दरोगा के एक तरफा रवैये से ग्रामीणों में गुस्सा है।