इस दौरान विराज ठाकुर ने मांग किया कि शहरीय क्षेत्र के सभी लेखपालों की आय से अधिक संम्पत्ति में जांच की जाये, क्योंकि शहरीय क्षेत्र के ज्यादातर लेखपाल गरीब लोगों की जमीन फसां कर खुद प्लॉटिंग कर मोटी रकम कमा रहे हैं। 10 साल से लोग एक ही जगह पर कार्यरत है जब भी इनका ट्रांसफर दूसरे तहसील में होता है तो यह लोग पैसे के बल पर पैरवी के माध्य्म से तीन-चार महीने बाद पुनः मनचाहे स्थान पर आ जाते हैं। कानूनगो और लेखपालों के लिए भी एक विशेष कानून बनाने की आवश्यक्ता है, जिससे जमीन विवाद से उत्पन्न अपराध पर लगाम लगाया जा सके। इस मौके पर जिला महामंत्री सतीश सिंह, सुशिल गिरी, जिला उपाध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव, मिशेल सिंह, अशोक यादव, किशन सिंह, धनंजय यादव, उदय प्रताप यादव, दीपक आदि मौजूद रहे।