
थाने में रेप पीड़िता पर गर्भपात का दबाव
जौनपुर. पुलिस के न्याय और अन्याय में कोई फर्क नहीं। रेप पीड़िता का आरोप है कि गर्भवती होकर थाने पहुंची तो दरोगा जी ने पंचायत कर अजीबो गरीब फैसला सुना दिया। आरोपियों से पीड़िता को गर्भपात के लिये 10 हजार रुपये दिलवाए। इतना ही नहीं पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपियों ने उसे गर्भपात न कराने पर जान से मारने की धमकी दी। शनिवार को एसपी से मिलकर शिकायत की लेकिन वहां भी कोरे आश्वासन के अलावा उसके हाथ कुछ नहीं लगा।
गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र की एक युवती पड़ोसियों के घर चैका-बर्तन करती थी। आरोप है कि परिवार के ही एक युवक की उस पर नीयत खराब हो गई। उसने युवती के साथ जबर्दस्ती दुष्कर्म किया। युवती ने लोगों को बताने की बात कही तो शादी का वादा कर उसे चुप करा दिया। इसके बाद करीब छह माह तक आरोपी उसे अपनी हवस का शिकार बनाता रहा।
इस बीच उसे पांच माह का गर्भ ठहर गया, जिसका पता परिजनों को चला तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। बात बड़ों के बीच चली तो सभी ने शादी का लालच दिया। पर इसके बाद पीड़िता के परिजन जब भी शादी के लिए दबाव बनाते सभी टाल-मटोल कर देते। इसके बाद उसने थाने में गुहार लगाई।
पीड़िता और परिजनों के मुताबिक पुलिस ने दोनों पक्षों को बुला कर पंचायत कराई। वहां अजीबो-गरीब फैसला सुनाते हुए दस हजार रूपये गर्भपात के लिए दिलवा दिए। आरोपी पक्ष ने धमकी भी दी कि यदि गर्भपात नहीं कराया तो पीड़िता की हत्या कर शव गायब कर देंगे। डरे सहमे परिवार ने पुलिस से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
निराश होकर आला अधिकारियों की चौखट पर मत्था टेका, लेकिन वहां से भी केवल आश्वासन ही मिला। पीड़ित परिवार का कहना है कि कहीं से कोई सुनवाई नहीं हो रही। बड़े साहब ने भी सिर्फ हम लोगों की बात सुन ली, पर कार्रवाई कुछ नहीं की। एसपी केके चैधरी ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं था। जांच करवा कर पहले मुकदमा पंजीकृत करवाया जाएगा। इसके बाद थाने पर पंचायत होने की भी पड़ताल कराई जाएगी।
by JAVED AHMAD
Updated on:
23 Sept 2017 10:47 pm
Published on:
23 Sept 2017 10:45 pm
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