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प्राशमिक शिक्षा की बदहाली: तीन स्कूल के कैम्पस में मिले सिर्फ आधा दर्जन छात्र

पत्रिका की पड़ताल में सामने आई स्कूलों की बदहाली

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primary school badly condition

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जौनपुर. एक तरफ जहाँ शिक्षा जगत में भूचाल लाने की तैयारी जोर-शोर से चल रही है । जिसमें केन्द्र सरकार से लेकर राज्य सरकार सभी जी जान से जुटे हुए हैं। बच्चों से लेकर टीचर तक की आॅन लाईन मानीटरिंग की जा रही है। उनकी शिक्षा से लेकर ड्रेस, खान-पान, डेक्स-बेन्च, दवा-दर्पण, किताब, बैग, शौचालय इत्यादि वहीं इस विद्यालय को देखने के बाद शायद जुबां से बस शिक्षा जगत के इस सातवें अजूबे का नाम आता है।

रूहटटा स्थित प्राथमिक विद्यालय ओलन्दगंज स्थित उमरपुर हरिबन्धनपुर की हालत बद से बदतर देखकर पैरो तले जमीन खिसकती नजर आयी। जर्जर खण्डहर में जीवन तराशता बचपन नजर आया । शायद इनके माँ-बाप वास्तव में आज क्षेत्र के सबसे गरीब इन्सान होगें। जिन्होने अपने कलेजे के टुकड़ो को इस विद्यालय में भेजने से पहले अपने कलेजों पर पत्थर रख लिया होगा। टीन शेड खण्डहर में फटी चटाई पर बैठकर एक तरफ जहाँ 5-7 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते नजर आये, वहीं तीन शिक्षक भी क्रमशः अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद नजर आये। जिन्होने बताया कि इस स्कूल में तीन प्रथमिक विद्यालय क्रमशः प्राथमिक विद्यालय ओलन्दगंज, रूहट्टा एक तथा रूहट्टा दो संचालित हो रहे हैं।

प्लास्टिक की टूटी टीचरों की कुर्सियाँ भी अपना दर्द बया कर रही थीं। स्कूल के बिना दरवाजे की आफिस को देखकर लगा कि उसमें चोर भी घुसने से थर्राते होगे जिसमें टूटी छते, तीन आलमारियां, कबाड फर्नीचर और उसमें सापों का डेरा है। शौचालय का तो कहीं नामो निशान नहीं है बच्चों से लेकर टीचर सब राम भरोसे एसे में मिड डे मील की बात करने पर पता चला कि बैठने का कोई नहीं है ठिकाना तो कहाँ बनेगा खाना।

पूरे कैम्पस में झाड़ झंखाड़ के साथ-साथ कूड़े का अम्बार प्रधान मंत्री और मुख्य मंत्री के स्वच्छता मिशन को मुहं चिढ़ा ता नजर आया। जहाँ पूरे मुहल्ले वासी कूड़ा फेंकते हैं। बारिस के दौरान स्कूल स्वीमिंग बन जाता है। जिसमें पूरे मोहल्ले का गन्दा नाली का पानी भर जाता है। इन तीनों अजूबी विद्यालय के साथ विभागीय सौतेले पन से जहाँ क्षेत्रवासी चिन्तित नजर आते हैं। वहीं इस वीरान बिल्डिंग में बच्चे हैरान और शिक्षक भी परेशान नजर आते है।