
हाईकोर्ट ऑर्डर
जौनपुर. खेतासराय थाना क्षेत्र निवासी तीन लोगों पर 2 साल पहले सामुहिक दुष्कर्म का मुकदमा रंजिशन दर्ज कराया गया था। कोर्ट ने तीन को आरोप मुक्त करते हुए महिला और उसके पति के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है। कथित पीड़ित कोर्ट में घटना से मुकर गई है।
दरअसल संगीन मुकदमा दर्ज कराकर विरोधियों को जेल भेजवाने व बाद में कोर्ट के बाहर सुलह करके गवाही से मुकरने के कारण आरोपितों के बरी होने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसा ही एक और मामला सामने आया है। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र में राजमार्ग पर सामूहिक दुष्कर्म के तीन आरोपितों को कोर्ट ने गवाहों के पक्षद्रोही होने के कारण साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। वादिनी ने कोर्ट में धारा 156(3) के तहत प्रार्थना पत्र दिया था।
आरोप लगाया कि 2 अप्रैल 2016 की शाम करीब सात बजे वह अपने खालू तथा पति के साथ जौनपुर-शाहगंज मार्ग पर बाइक से जा रही थी। सरायख्वाजा नहर पुलिया के पास चार पहिया वाहन सवारों ने ओवरटेक कर रोक लिया। महिला को जबरन अपनी गाड़ी में बैठा लिया। वादिनी के पति व खालू का मोबाइल फोन तोड़ डाला।
बाइक की चाबी लेकर टायर पंक्चर कर दिया। आरोपी उसे सुनसान स्थान पर ले गए। उसका हाथ-पैर बांध कर सभी ने सामूहिक दुष्कर्म किया। जाते-जाते धमकी दी कि किसी से बताने पर तेजाब से चेहरा खराब कर देंगे। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने खेतासराय निवासी मोहम्मद नासिर, अबू सहमा व मकसूद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर चार्जशीट दाखिल किया।
बाद में दंपती कोर्ट में घटना से मुकर गए। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट को दिए बयान को पुलिस के बहकावे व दबाव में देना बताया। कोर्ट ने पाया कि पुरानी रंजिश के कारण मुकदमे दर्ज कराया गया है। गवाहों के पक्षद्रोही होने के कारण साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने आरोपितों को दोषमुक्त कर दिया तथा वादिनी व उसके पति पर झूठी गवाही का केस दर्ज कर लिया गया।
By Javed Ahmad
Published on:
19 Aug 2018 11:49 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
