
झाबुआ को गुजरात-राजस्थान से जोडऩे वाला 100 किलोमीटर का क्षेत्र किया सील
झाबुआ. सीमावर्ती गुजरात राज्य के दाहोद और राजस्थान राज्य के कुशलगढ़ जिले के साथ ही मप्र के रतलाम व धार जिले में कोरोना संक्रमित मिलने के बाद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए झाबुआ जिले को जोडऩे वाली 100 किमी से अधिक सीमा को पूरी तरह से सील कर दिया है। अब न तो बाहर से कोई व्यक्ति जिले में प्रवेश कर सकता है और न ही जिले का व्यक्ति बाहर जा पााएगा। पूर्व में केवल राजस्थान और गुजरात को जोडऩे वाली ही सीमा को सील किया था लेकिन अब पड़ौसी जिले रतलाम, धार व आलीराजपुर की सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी है।
गौरतलब है कि झाबुआ जिले की सीमा का करीब 80 किमी का हिस्सा गुजरात से जुड़ा है। इसमें झाबुआ, राणापुर, मेघनगर व थांदला तहसील के गांव आते हैं। वहीं 20 किमी का हिस्सा राजस्थान की सीमा से लगा है। इसके तहत थांदला तहसील के गांव लगते हैं। वहीं झाबुआ जिले की सीमा धार, रतलाम व आलीराजपुर जिले से भी लगी है। हाल ही के दिनों में रतलाम व धार जिले में कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। लिहाजा प्रशासन ने अब इन जिलों को जोडऩे वाले रास्ते पर भी चेक पाइंट बना दिए हैं।
ग्रामीणों ने बिना काम के आने वालों पर रोक लगाई
राणापुर. कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए शहरी के अलावा भी ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसकी जागरूकता देखी गई। वहां के भी ग्रामवासी सोशल डिस्टेंस को मेंटेन करते हुए का पालन कर रहे हैं। घरों से बाहर नहीं निकल रहे। इसी कड़ी में दानापुर से कुछ दूरी पर ग्राम छापर खंडा में कोरोनावायरस के चलते ग्राम वासियों ने गांव में बजाने वालों पर प्रवेश पर रोक लगा दी है।
हावड़ा घंटा सरपंच अंतर सिंह ने बताया कि हम लोगों को भी कोरोना वायरस का डर सताने लगा है कि कहीं हमारे भी गांव में या बीमारी ना आ जाए, क्योंकि हमारे आसपास के सभी जिलों में लगभग यह बीमारी आ चुकी है। इसी के चलते बेवजह गांव में मोटरसाइकिल व अन्य वाहनों को लेकर जाने वाले लोगों पर प्रवेश बंद किया है। गांव से केवल किसी जरूरी काम के लिए ही आना-जाना कर सकते हैं।
Published on:
11 Apr 2020 11:05 pm

