19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

3 महीने में 25 बच्चों की मौत, बढ़ रही ऑक्सीजन की डिमांड

कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच झाबुआ से चौकाने वाली खबर सामने आई है। यहां अचानक छोटे बच्चे दो-तीन दिन के सर्दी-खासी और बुखार में सीवियर निमोनिया का शिकार हो रहे हैं।

2 min read
Google source verification
3 महीने में 25 बच्चों की मौत, बढ़ रही ऑक्सीजन की डिमांड

3 महीने में 25 बच्चों की मौत, बढ़ रही ऑक्सीजन की डिमांड

झाबुआ. देशभर में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच झाबुआ से चौकाने वाली खबर सामने आई है। यहां अचानक छोटे बच्चे दो-तीन दिन के सर्दी-खासी और बुखार में सीवियर निमोनिया का शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में बीते तीन महीने में ऐसे 25 बच्चों की मौत हो चुकी है। जबकि अब भी दो बच्चे पीआइसीयू में वेंटीलेटर पर हैं। लगातार आ रहे ऐसे मामलों के बीच ऑक्सीजन की डिमांड बढ़ गई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए शासन को रिपोर्ट भी भेजी गई है।

ऑक्सीजन पर रखना पड़ रहा बच्चों कोजिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ और पीआइसीयू इंचार्ज डॉ. संदीप चोपड़ा के अनुसार जनवरी माह से अब तक 375 बच्चे भर्ती हुए। इनमें से 139 निमोनिया पीड़ित थे। जब इनकी जांच की तो हमने देखा कि दो से तीन दिन की सर्दी-खांसी और बुखार गंभीर निमोनिया का रूप ले रहा है। एक्स रे में भी ये स्पष्ट नज़र आ रहा है। खास बात यह है कि ऐसे बच्चों को पांच-पांच दिन तक ऑक्सीजन पर रखना पड़ रहा है। कुछ बच्चों को वेंटिलेटर पर भी रखा। पहले निमोनिया पीड़ित बच्चे तीन से चार दिन में पूरी तरह से स्वस्थ्य हो जाते थे। अभी तो स्थिति कुछ अलग ही है। ऐसा लगता है जैसे ये फ्लू जैसा वायरल है। जनवरी से अप्रैल (प्रथम सप्ताह) तक 25 बच्चों की मौत हो चुकी हैं।

हर माह औसत 90 बच्चे होते हैं भर्ती


जिला अस्पताल के पीआइसीयू में हर महीने औसत 90 से 100 बच्चे भर्ती होते हैं, लेकिन मार्च महीने में ये आंकड़ा 144 पर जा पहुंचा। 60 बच्चों को निमोनिया की शिकायत थी। इनमें से सात बच्चों की मौत हो गई। जबकि अप्रैल माह के पहले ही सप्ताह में 22 बच्चे पीआइसीयू में भर्ती हुए। इनमें से 10 निमोनिया पीड़ित थे। बीते सात दिन में ही 2 बच्चों की मृत्यु हो चुकी है। इसको लेकर खुद डॉक्टर भी सकते में हैं।

सर्दी-खांसी गंभीरता से लें

बच्चों को यदि दो-तीन की सर्दी खांसी भी हो तो इसे गंभीरता से लें। बिलकुल भी लापरवाही न बरतें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

-डॉ संदीप चोपड़ा, शिशु रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल, झाबुआ

पता करवाते हैं क्या वजह

यदि इतने बच्चों की मौत हुई है तो उसकी वजह पता करवाते हैं। उन कारणों को तलाश कर आगे कार्यवाई के निर्देश दिए जाएंगे।

-तन्वी हुड्डा, कलेक्टर, झाबुआ

देखें वीडियो:- मूसलाधार बारिश के साथ प्रदेश के कई शहरों में हुई ओलों की बौछार