
कोटवारों को नियमित कर्मचारी घोषित करने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
झाबुआ . मध्य प्रदेश कोटवार संघ भोपाल के आह्वान पर 21 फरवरी को कोटवारों ने 1 दिन का सांकेतिक धरना प्रदर्शन कर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।सुबह 10 बजे सभी कोटवार आंबेडकर गार्डन में एकत्रित हुए। 3 बजे तक तहसीलदार आशीष राठौर से मिलने का इंतजार किया। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान के नाम लिखे ज्ञापन में कोटवारों ने अपनी मांगों को पूरा करने की और बात न मानने पर प्रदेश सरकार को 20 अप्रैल से भोपाल में अनिश्चितकालीन हड़ताल ,आमरण अनशन , सत्याग्रह और जेल भरो आंदोलन की चेतावनी दी है, 3 बजे बाद मुख्यमंत्री के नाम लिखा ज्ञापन तहसीलदार आशीष राठौर को सौंपा।
-ये है प्रमुख मांगें
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से कोटवारों को शासकीय कर्मचारी घोषित करने और कलेक्ट्रेट पर वेतन देने की मांग की गई। सेवाभूमिधारी कोटवारों को भूमि स्वामी बनाया जाए।शहरी क्षेत्र में कोटवार का पद समाप्त न करें ,ग्रामीण क्षेत्रों में भी एक से अधिक कोटवार होने पर पद समाप्त ना करें ।राजस्व विभाग में रिक्त पदों पर योग्यता के आधार पर पूर्व से कार्यरत कोटवारों को प्राथमिकता दी जाए। तानु , भारत ङ्क्षसह , प्रेम ङ्क्षसह, लक्ष्मण ङ्क्षसह, महेंद्र ङ्क्षसह ,गोवर्धन , झितरा , सुरेंद्र , राजेश, दलङ्क्षसह, प्रकाश ने बताया कि कोटवारों ने बताया कि साल में सिर्फ 10 माह का वेतन मिल रहा है , 2 माह का वेतन हर साल काटा जा रहा है। वेतन अनियमित जमा होने के कारण पता ही नहीं चलता कि किस माह की सैलरी जमा हुई है। जबकि कोटवार, आंगनबाड़ी, पंचायत, पुलिस विभाग, स्वास्थ्य विभाग ,कृषि विभाग, राजस्व विभाग एवं अर्थशास्त्र संबंधित जानकारी शासन को उपलब्ध कराने के लिए गांव-गांव और घर-घर जाकर काम कर रहा है। 13 साल होने के बावजूद आज तक कोटवारों को साईकिल नहीं मिली। सरकारी अधिकारियों के घर पर काम करवाया जाता है और उचित मान-सम्मान भी नहीं दिया जाता। हर योजना का क्रियान्वयन हमसे हो रहा है, लेकिन हमें पूरी तरह उपेक्षित रखा जा रहा है।
Published on:
22 Feb 2023 01:02 am
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