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ईसाई समाज ने मनाया ख्रीस्त राजा का पर्व, कैथोलिक चर्च में विशेष प्रार्थना

शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा जुलूस, जय-जयकार करते चले प्रभु के अनुयायी

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ईसाई समाज ने मनाया ख्रीस्त राजा का पर्व, कैथोलिक चर्च में विशेष प्रार्थना

ईसाई समाज ने मनाया ख्रीस्त राजा का पर्व, कैथोलिक चर्च में विशेष प्रार्थना

झाबुआ. आया यीशु राजा, बोलो जय-जयकार, शांति का राजा आ गया, बोलो जय-जयकार..., इस तरह के धार्मिक गीत रविवार को कैथोलिक चर्च में गूंजे। मौका था ख्रीस्त राजा के पर्व का। ईसाई समुदाय ने उत्साह के साथ पर्व मनाया। सुबह से ही समाज में उत्सव सा माहौल था। पर्व के साथ ही आगमन काल की शुरुआत भी हो गई। ख्रीस्त राजा के पर्व को लेकर समाजजन एक सप्ताह से तैयारियों में जुटे थे।

रविवार को सुबह 8 बजे सभी लोग ज्योति भवन प्रांगण में जमा हुए। यहां से 10.30 बजे जुलूस की शुुरुआत हुई। आगे-आगे समाजजन चल रहे थे तो मध्य में बिशप डॉ. बसील भूरिया परम प्रसादी लिए मौजूद थे। जुलूस एलआईसी कॉलोनी, सज्जन रोड, छोटे तालाब, राजबाड़ा चौक, आजाद चौक, मुख्य बाजार, थांदला गेट होते हुए चर्च पहुंचा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पवित्र संगीत से माहौल को ओर पवित्रमय बना दिया। प्रार्थना सभा हुई। इसकी अगुआई बिशप डॉ. बसील भूरिया ने की। उनके साथ फादर प्रताप बारिया, फादर रॉकी शाह, फादर जॉनसन, फादर बसील, फादर माइकल, फादर इंबानाथन आदि मौजूद थे। इससे पूर्व प्रार्थना सभा में बिशप ने सुसमाचारों के अध्यायों पर प्रकाश डाला और सभी को ईश्वर के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। साथ ही देश में शांति-सौहार्द के लिए प्रार्थना की गई।

तीन स्थानों पर आशीष
जुलूस के दौरान अलग-अलग स्थानों पर परम प्रसाद की तीन आशीष प्रदान की गई। शुरुआती स्थल ज्योति भवन में बिशप डॉ.बसील भूरिया ने आशीष प्रदान किया। राजबाड़ा चौक में दूसरी आशीष व चर्च प्रांगण में तीसरी आशीष प्रदान की गई। रास्ते में सकल व्यापारी संघ के सदस्यों ने जुलूस का स्वागत किया।

इसलिए मनाते हैं पर्व
समाज के वैभव खराड़ी व निकलेश डामोर ने बताया आज के दिन ईसा मसीह को उनके अनुयायियों ने राजा के रूप में अपनाया था। इसलिए समाज इस दिन को ख्रीस्त राजा के पर्व के रूप में मनाता है। अगले सप्ताह से आगमन काल शुरू होगा। आगमन काल का अर्थ ईश्वर के आगमन से हैं, जो 25 दिसंबर को होता है। इस काल में ईसाई समाज में विवाह नहीं होते।