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झाबुआ. बैंकों की चरमराती व्यवस्था के बाद अब बैंकों ने शाम 5 बजे से पक्षपात करना चालू कर दिया है। सुबह से लाइन में खड़े रहने वाले लोगों को बैंक बंद होने की बात कही जा रही है। वहीं रसूखदार लोगों को पांच बजे के बाद बैंकों में लेन-देन के लिए अंदर किया जा रहा है। पिपलियाखदान के ग्रामीण वसना ने बताया कि सुबह से दोपहर हो गई। जब नंबर आया तो बैंक ने 2 हजार रुपए ही बदले, जबकि 4500 रुपए बदले जाने हैं। ढाई हजार कहां बदलवाने जाऊं। फूलधावड़ी की लीमजी ने बताया कि पैसे जमा करने की लाइन और नोट बदलने की लाइन अलग-अलग हैं, लेकिन ग्रामीणों को इसकी जानकारी नहीं है। वो किसी भी लाइन में लग जाते हैं। साथ ही पढ़े-लिखे नहीं होने से फॉर्म भी नहीं भर पा रहे हैं। किसी से भरवा कर जाते हैं तो उसमें भी गलती निकल आती है। नंबर आने पर बैंक कर्मी कहता है गलत लाइन में लगे थे। दूसरी में लगो। इसके लिए ग्रामीणों को फिर से लाइन में लगना पड़ता है। बैंकों को कोई कर्मचारी यहां खड़ा करना चाहिए, ताकि वह बता सके कि किस के लिए कौन सी लाइन है। अश्विन गुप्ता ने बताया कि पांच बजे के बाद पैसे वाले लोगों को ही अंदर किया जा रहा है। आम आदमी को बाहर किया जा रहा है। इसी तरह विद्यार्थी विशाल पंवार, किर्तिश सिसौदिया ने बताया कि सुबह 9 बजे से लाइन में लगे हैं, नोट बदलवाने हैं। शाम तक नंबर आ पाएगा। कॉलेज नहीं जा पाए। वहीं एटीएम के हाल जस के तस बने हुए हैं। किसी भी एटीएम में पैसे नहीं हैं। जिससे हर कोई तंगहाली में जी रहा है।
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