
टैक्स चोरी कर लाखों का गेहूं और चना भेजा रहा है दाहोद
राणापुर. कोरोना वायरस की भयंकर महामारी से पूरा देश लड़ रहा है। सरकार को रेवन्यू नहीं मिल रहा। कृषि संबंधित सभी उपज को ले जाने की या बेचने की छूट दे रखी है, लेकिन यहां तो व्यापारी उसमें भी सरकार को चूना लगाने से बाज नहीं आ रहे।
राणापुर, झाबुआ ,पारा, काली देवी, कल्याणपुरा अन्य जगहों के भी व्यापारी लाखों रुपए का गेहूं और चना अवैध रूप से गुजरात के दाहोद में बेच देते हैं और सरकार को टैक्स का चूना लगा देते हैं। जबकि इस भयंकर महामारी के समय में सरकार को टैक्स की बहुत सख्त आवश्यकता है। कोई जिन चीजों से सरकार को टैक्स मिल रहा। इसमें भी अगर व्यापारी चोरी करने लगेंगे तो फिर क्या होगा व्यापारी को केवल पैसे कमाने से मतलब है ऐसा लग रहा है। कई दिनों से अवैध परिवहन कर के गुजरात गेहूं चना ले जाने की शिकायतें मिल रही थी। इसके बाद स्थानीय मंडी उडऩदस्ता सक्रिय हुआ और सोमवार को को स्थानीय मंडी उडऩदस्ता दल की सघन निरीक्षण के दौरान राणापुर से कुछ किलोमीटर दूर ग्राम कंजावाणी में दो वाहन एक ट्रैक्टर ट्राली एमपी 45 एए 6 173 एवं एक पिकअप वाहन एमपी 45 जी 1518 में कृषि उपज चना, साल और गेहूं का अवैध रूप से परिवहन करते पाए जाने पर दल द्वारा वैधानिक कार्रवाई करते हुए 5 गुना प्रकरण तैयार किए गए। इसमें एक व्यापारी देवली वह दूसरा व्यापारी राणापुर का बताया जा रहा है। राणापुर के व्यापारी से एवं 5 गुना मंडी शुल्क 28 90 , निराश्रित शुल्क 97और समझौता शुल्क 3000 वसूले। वहीं देवली के व्यापारी से 5 गुना मंडी शुल्क 6 155, निराश्रित शुल्क 16 4 व समझौता शुल्क 3000 वसूले। ऐसा कर 15306 रुपए दोनों व्यपारियो से वसूल किए। इस कार्रवाई में मंडी सचिव केके दिनकर एवं सहायक उपनिरीक्षक लक्ष्मण चौहान और प्रेम सिंह अमलियार उपस्थित थे।
व्यापारी सरकार की नहीं कर रहे मदद
झाबुआ, राणापुर, कल्याणपुरा, पारा, झाबुआ मंडी क्षेत्र के सभी बड़े-बड़े होलसेल व्यापारी जो इस महामारी के समय सरकार की सहायता करने की बात तो दूर सरकार को ही चुना लगाने में लगी है। यह सभी होलसेल व्यापारी इस लाख डाउन के दौरान लाखों रुपए का चूना टैक्स चोरी कर सरकार को लगा चुके हैं। अकेले केवल झाबुआ मंडी में से ही गेहूं की गाडिय़ां भरकर 10 में से दो गाड़ी के अनुज्ञा पत्र बनते हैं। बाकी 8 गाडिय़ां अवैध रूप से दूसरे प्रदेशों में चली जाती है। व्यापारी भी सरकार को चूना लगाने में बाज नहीं आ रहे। इसके लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाता है। कई व्यापारी ऐसे भी काम करते हैं।
ट्रैक्टरों में गेहूं चना या अन्य कोई उपज भर देते हैं और उसमें अपने ही एक आसामी मतलब या उनके परिचित जो किसान होते हैं, उन्हें उनकी कृषि भूमि की चौकड़ी सहित गाड़ी में बैठा देते हैं और अगर कोई गाड़ी रोकता है तो कहते हैं साहब यह मेरा माल है। मेरे खेत में वाला है ऐसा कहकर वह छूट जाते हैं और गुजरात के दाहोद मंडी में गाड़ी पहुंच जाती है। क्योंकि किसान कहीं भी अपनी उपज जहां ऊंचे दाम मिलते हैं। वहां पर जाकर बेच सकता है। इसका फ ायदा व्यापारी अपने परिचित किसानों के माध्यम से उठा रहे हैं। इससे उन्हें टैक्स भी नहीं भरना पड़ता है। आसानी से गाड़ी गुजरात मे चली जाती है।
Published on:
19 May 2020 04:51 pm

