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जंगल में छोटे कुंड बनाकर करेंगे वन्य प्राणियों के लिए पानी का इंतजाम

डीएफओ एचएस ठाकुर ने कहा- हमने बना लिया है पूरा प्लान, वन क्षेत्र में बनी झीरियों की भी सफाई कराई जाएगी

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झाबुआ

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Binod Singh

May 19, 2023

जंगल में छोटे कुंड बनाकर करेंगे वन्य प्राणियों के लिए पानी का इंतजाम

जंगल में छोटे कुंड बनाकर करेंगे वन्य प्राणियों के लिए पानी का इंतजाम

झाबुआ. भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है। ऐसे में वन्य प्राणियों की प्यास बुझाने के लिए वन विभाग अब वन क्षेत्र में छोटी-छोटी जल संरचनाओं का निर्माण कराने की तैयारी कर रहा है, ताकि प्यास की वजह से किसी प्राणी की मौत न हो जाए।
इसके अलावा वन क्षेत्र में पहले से स्थित झीरियों की भी सफाई कराई जाएगी, जिससे उनमें पानी की आवक बनी रहे। इसके लिए पूरा प्लान तैयार कर लिया है। झाबुआ जिले की बात करें तो यहां तीन वन परिक्षेत्र झाबुआ, थांदला और पेटलावद शामिल है। पूरा वन क्षेत्र 73 हजार 672 हेक्टेयर में फैला है। चूंकि गर्मी से हर कोई हलाकान है, ऐसे में वन विभाग ने पानी के कृत्रिम स्त्रोत तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए तीनों वन परिक्षेत्र में स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं। जहां छोटी- छोटी जल संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। इन जल संरचनाओं में स्थानीय वन अमला पानी भरेगा, जिससे वन्य प्राणी अपने प्यास बुझा सकेंगे। पानी के लिए उन्हें भटकना नहीं पड़ेगा। डीएफओ एचएस ठाकुर ने बताया कि गर्मी तेजी से बढ़ रही है और वन्य प्राणी खासकर मोर इतनी गर्मी को बमुश्किल सहन कर पाते हैं। कारण यह कि पेड़ भी सूख जाते हैं। लू चलने लगती है। इतनी गर्मी में हीट स्ट्रोक के कारण उनकी मौत हो जाती है। ऐसे में उनके लिए विभाग पर्याप्त पानी का इंतजाम करने में जुटा है।
पौधों व प्राणियों का भी ध्यान रखता है क्लब
पर्यवारण संरक्षण की मिसाल बन चुका हाथीपावा मॉर्निंग क्लब न केवल हाथीपावा की पहाड़ी पर लगे पौधों की पूरी देखभाल करता है, बल्कि यहां पर रहने वाले वन्यप्राणी खासकर राष्ट्रीय पक्षी मोर का खास तौर पर ध्यान रखता है। ग्रुप के सदस्य रोजाना मोरों के लिए 20 किलो दाना डालते हैं। गौरतलब है कि हाथीपावा मॉर्निंग क्लब के सदस्यों के दिन की शुरुआत ही प्रकृति के बीच होती है। वे सभी तडक़े साढ़े 5 बजे पहाड़ी पर पहुंच जाते हैं। इस दौरान सबसे पहले मोरो के लिए दाना डाला जाता है। फिर हर दिन एक सेक्टर में लगे पौधों को पानी दिया जाता है। हाल ही में क्लब के सदस्यों ने मोरों व अन्य पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए बनाई जल संरचनाओं को साफ किया। क्लब के सदस्य इनमें नियमित पानी डालते हैं।