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फैक्ट्रियों का दूषित पानी पीकर मवेशियों की मौत का सिलसिला जारी , मौके पर पहुंचे अधिकारी

गारिया नाले का जहरीला पानी पीने से 12 घंटे में दो गाय की मौत के बाद ग्रामीणों में आक्रोश

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झाबुआ

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Binod Singh

Dec 16, 2023

फैक्ट्रियों का दूषित पानी पीकर मवेशियों की मौत का सिलसिला जारी , मौके पर पहुंचे अधिकारी

फैक्ट्रियों का दूषित पानी पीकर मवेशियों की मौत का सिलसिला जारी , मौके पर पहुंचे अधिकारी

एसडीएम मेघनगर ने 6 फैक्ट्रियों में अनियमितता देख का पंचनामा बनाया

झाबुआ. मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र के केमिकल फैक्ट्रियों से निकलने वाले जहरीले अपशिष्ट को गारिया नाले में छोड़ने के कारण 10 दिनों से 10 गांव के हजारों लोग प्रभावित हो गए। ग्रामीणों के अनुसार यह समस्या लगभग 10 साल से चला आ रहा है, जिसमें पिछले एक साल में 30 मवेशियों की मौत हो चुकी है। यह सिलसिला जारी रहते हुए नाले का जहरीला पानी पीकर पिछले 12 घंटे में दो गाय की मौत हो गई, जिसके बाद एक बार फिर ग्रामीणों ने एसडीएम को इसकी सूचना दी और फैक्ट्रियों को बंद करने की मांग उठाई। दरअसल बीते 10 दिनों में पानी में जहरीला कचरा छोड़ने की समस्या का स्थाई निराकरण करने के उद्देश्य से ग्रामीणों ने तीन बार उग्र प्रदर्शन किया है। शुक्रवार को अधिकारियों के साथ ग्रामीणों ने जंगल के रास्ते नाले के आसपास जाकर नाले में प्रदूषण और जहरीले रसायनों की निकासी करने वाली 6 कम्पनियों का पंचनामा भी बनाया है।

-12 घंटे में 2 गाय की मौत

अतंर्वेलिया निवासी बलवंत कतिजा की गाय और बैल की जोड़ी ने गुरुवार दोपहर में नाले का पानी पी लिया था, 3 घंटे बाद गाय की मौत हो गई , वहीं बेल का उपचार किया जा रहा था , लेकिन शुक्रवार सुबह 6 बजे बैल की भी मौत हो गई। बलवंत ने पत्रिका को बताया कि किसान की सम्पत्ति उसके मवेशी और खेत होते हैं, मेरे गाय और बैल जहरीले पानी पीकर मर गए हैं और खेत में भी नाले का पानी असर डाल रहा है। आसपास रहने वाले गोविंद , शेलू , भुरा , राकेश , अमरू ने बताया कि हैंडपंप से लाल पानी निकाल रहा है , उसमें से बदबू आ रही है। 2 गाय, कुछ बकरियां जहरीला पानी पीने से मर गई है। 5 दिन पहले एक नीलगाय के मरने के बाद समाजजनों ने आक्रोश जताया था। उस दौरान भी प्रशासनिक अमले ने महज औपचारिकताएं ही पूरी की थी, पीने और सिंचाई के लिए पानी की जुगाड करने के लिए लोग संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन को इसका स्थाई हल निकालने का प्रयास करना चाहिए।

-मौके पहुंचे अधिकारी, बनाया पंचनामा

शुक्रवार को नाले में बह रहे प्रदूषित पानी की जांच करने एसडीएम , तहसीलदार , जनप्रतिनिधि और ग्रामीण नाले के रास्ते जंगल में होते हुए केमिकल प्लांट तक पहुंचे, जहां ट्रेंड केमिकल , राठौर फार्मा केंप, मेघनगर ऑर्गेनिक , ब्रम्होस केमिकल , विनी और अंकिता नामक 6 फैक्ट्रियों का अपशिष्ट नालों में मिलता हुआ पाया गया। पंचनामे में स्पष्ट किया गया है कि गलियां नाले में केमिकल फैक्ट्री द्वारा छोड़ा गया लाल कलर का पानी बहते हुए पाया गया है , साथ ही जांच में पता चला कि फैक्ट्री द्वारा निर्मित नालियों में गाद जमा हो गई है। राठौर फर्मा कैंप और ब्रह्मोस केमिकल द्वारा अपनी नालियों में मोरम डालकर नालियां बंद कर दी गई है।

इनका कहना -

सख्त फैसला लेना चाहिए-

पिछले 10 सालों से लोग कैमिकल फैक्ट्री के जहरीले कचरे के कारण परेशान हो रहे हैं। इस बार मवेशी और खेतों में अधिक नुकसान हुआ है। नीलगाय भी मर गई , जलीय जीव जंतु भी मर गए , लेकिन वन विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया। न ही प्रशासनिक अधिकारियों ने अभी तक कोई ठोस निर्णय लिया है। आएदिन किसानों का नुकसान हो रहा है। इसके लिए कोई सख्त फैसला लेना चाहिए।

धनसिंग भूरिया , प्रतिनिधि जनपद सदस्य , अतंर्वेलिया ।

नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी -

हमने घटनास्थल का मुआयना किया। जंगल के रास्ते जाकर देखा पानी कहां से आ रहा है। कुछ फैक्ट्री का केमिकल नाले में मिल रहा था, हमने पंचनामा तैयार कर लिया है, जल्दी आला अधिकारी को भेजेंगे। नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।- मुकेश सोनी , एसडीएम , मेघनगर ।