
५० फीट के गढ़ पर चढ़कर आदिवासी युवाओं ने दिखाया शौर्य
झाबुआ. शौर्य का प्रतीक गढ़ पर्व मंगलवार को चैत्र कृष्ण पक्ष तेरस पर परंपरानुसार मनाया गया। करीब 50 फीट ऊंचे गढ़ पर चढ़कर युवाओं ने अपने शौर्य का प्रदर्शन किया। परंपरा के अनुरूप नगर पालिका ने दोपहर में राजबाड़ा चौक पर गढ़ (लकड़ी का खंभा) खड़ा किया। तेल व साबुन से इसे चिकना करा। पर्व में हिस्सा लेने के लिए शाम साढ़े 4 बजे ग्रामीणों की टोलियां आने लगी। ढोल मांदल बजाकर उन्होंने उत्साह प्रकट किया। शाम करीब पांच बजे नपा अध्यक्ष मन्नूबेन डोडियार सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने गढ़ की पूजा की। इसके बाद गढ़ जीतने के लिए युवाओं ने चढऩा शुरू किया। कुछ को सफलता हाथ लगी तो कोई फिसलकर नीचे आ गया। युवाओं ने रस्सी के सहारे भी गढ़ जीतने का प्रयास किया। गढ़ जीतने वाले को नीचे से गुड़-चने की पोटली झेलाई गई। जब भी किसी ने गढ़ पर चढऩे का प्रयास किया, नीचे ढोल-मांदल बजाकर ग्रामीणों ने उत्साह बढ़ाया।
राजशाही के समय की परंपरा
नगर में राजशाही के समय से ही यह परंपरा निभाई जा रही है। एक समय ग्रामीण गढ़ पर चढ़कर उसे जीतने की कोशिश करते थे और नीचे महिलाएं हाथों में लकडिय़ां लेकर गीत गाते हुए उन्हें मारती थी। जो युवा गढ़ जीत लेता था उसे नीचे से गुड़-चने की पोटली फेंककर दी जाती थी।
Published on:
03 Apr 2019 01:22 am
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