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गाजे-बाजे के साथ कस्तूरबा मार्ग में विराजे ‘झाबुआ के राजा’ भक्ति में डूबा पूरा शहर

गणेशोत्सव: शोभायात्रा के रूप में लेकर आए झाबुआ के राजा की चांदी की चरण पादुका

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झाबुआ

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Binod Singh

Sep 20, 2023

गाजे-बाजे के साथ कस्तूरबा मार्ग में विराजे ‘झाबुआ के राजा’ भक्ति में डूबा पूरा शहर

गाजे-बाजे के साथ कस्तूरबा मार्ग में विराजे ‘झाबुआ के राजा’ भक्ति में डूबा पूरा शहर

झाबुआ. गणेशोत्सव की शुरुआत मंगलवार को हुई। सुबह से ही गणपति बप्पा की प्रतिमा खरीदने के लिए दुकानों पर भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह 9 बजे से चल समारोह निकलने का सिलसिला शुरू हो गया। भजनों के बीच गणपति बप्पा मोरया का जयघोष करते भक्त धूमधाम से भगवान को विराजित करने ले गए। डीजे की धुन पर नाचती-गाती युवाओं की टोलियों ने उल्लास को दोगुना किया। हर गली-मोहल्ले से जयघोष की गूंज के बीच चल समारोह निकलते रहे। मुख्य आकर्षण कस्तूरबा मार्ग में विराजित होने वाले झाबुआ के राजा की चांदी की चरण पादुका की भव्य शोभा यात्रा रही। इन चरण पादुका की वर्ष भर सेवा का लाभ सुखदेव विहार कॉलोनी निवासी कुलदीप सक्सेना परिवार ने लिया था। दोपहर में झाबुआ के राजा ग्रुप के सदस्य गाजे-बाजे के साथ भगवान की चरण पादुका लेने उनके निवास स्थान पर पहुंचे। यहां से शोभा यात्रा की शुरुआत हुई। आगे बैंड पर धार्मिक गीत गूंज रहे थे। वहीं मध्य में भक्त मौजूद थे। सबसे आखिर में लाभार्थी परिवार चरण पादुका के साथ रथ में सवार थे। जगह -जगह भक्तों ने पादुका का पूजन किया। शोभायात्रा राजवाड़ा चौक, राधाकृष्ण मार्ग, बाबेल चौराहा, आजाद चौक होकर, कस्तूरबा मार्ग पहुंची। इसके बाद चरण पादुकाओं को भगवान की प्रतिमा के चरणों में प्रतिष्ठित किया गया। मुंबई के लालबाग के राजा की तर्ज पर ही द्मझाबुआ के राजाद्य की महास्थापना की गई। इसका लाभ भी सक्सेना परिवार ने ही लिया।
धार्मिक क्रिया पं. विश्वनाथ शुक्ल ने पूर्ण कराई। प्रतिष्ठा के पश्चात आरती कर भगवान को लड्डुओं का भोग लगाया।