
लोकसभा चुनाव : यदि धर्मस्थल पर मांगा वोट तो 5 साल जेल की हवा खाएंगे नेताजी
झाबुआ. होली मिलन समारोह या चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा, राम नवमी अथवा हनुमान जयंती सहित अन्य त्योहारों पर कोई भी उम्मीदवार या नेता धर्मस्थल पर वोट नहीं मांग सकेगा। यदि उसने धर्मस्थल में मौजूद किसी व्यक्ति से वोट मांगा तो पकड़े जाने पर उसे 3 से 5 साल की जेल हो सकती है। चुनाव आचार संहिता के चलते आने वाले त्योहारों को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने यह निर्देश दिए हैं। निर्वाचन आयोग का मानना है कि अप्रैल व मई में कई त्योहार पड़ेंगे। जिस पर उम्मीदवार धार्मिक स्थलों पर जाकर दुआएं व बधाइयां देने के बहाने अपने लिए वोट की अपील के साथ वहां भाषणबाजी भी कर सकते हैं। आयोग ने इस पर रोक लगाई है।
यह रहेगी छूट
धर्मस्थल पर जाकर कोई भी उम्मीदवार किसी से भी मिल सकता है, लेकिन वोट नहीं मांग सकता। वोट मांगते पकड़े जाने पर मुकदमा चलेगा। इसमें पांच साल तक की सजा का प्रावधान है।
क्या है नियम
धार्मिक स्थानों का राजनीतिक उद्देश्य के लिए उपयोग करने पर धार्मिक संस्था दुरुपयोग निवारण अधिनियम 1998 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
ऐसे एसएमएस पर भी पाबंदी
- एमएमएस के जरिए किसी भी पार्टी का आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो किसी को भेजना।
- वोट मांगने के लिए प्रलोभन, धमकी देने तथा धर्म जाति के आधार पर वोट मांगने वाले एसएमएस।
- आदर्श आचार संहिता तथा चुनाव आयोग के नियमों तथा निर्देशों के खिलाफ मैसेज।
(नोट: ऐसे मैसेज करने वालों के खिलाफ एफआईआर होगी।)
ये त्योहार आने वाले हैं
अप्रैल : 6 अप्रैल से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी। इस दौरान माता के मंदिरों में विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। इसी दिन हिंदु नववर्ष गुड़ी पड़वा भी है। 7 अप्रैल को चेटी चंड है। 13 अप्रैल को राम नवमीं तो 19 अप्रैल को हनुमान जयंती है।
मई : 7 मई को अक्षय तृतीया है। इस दिन भगवान परशुराम की जयंती के उपलक्ष्य में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम होते हैं।
Published on:
12 Mar 2019 03:45 pm
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