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Dry State गुजरात में ऐसे भेजा जाता है शराब का जखीरा, देखें ताजा रिपोर्ट

गुजरात सीमा से दो किमी पहले शराब का बड़ा जखीरा पकड़ा...। ग्रामीणों की मदद से प्रशासन को मिली बड़ी सफलता...।

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झाबुआ

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Manish Geete

Nov 03, 2022

झाबुआ/राणापुर। मध्यप्रदेश में शराब का अवैध कारोबार इतना बढ़ गया है कि यहां से भारी मात्रा में शराब ड्राई स्टेट गुजरात (dry state gujarat) में चोरी-छिपे सप्लाई की जा रही थी। गुजरात सीमा (gujarat border) से महज दो किमी पहले ही इस वाहन को पकड़ लिया गया। खास बात यह भी है कि ग्रामीणों ने अवैध शराब (illegal liquor) को पकड़वाने में पुलिस प्रशासन की मदद की है।

राणापुर थाने से 12 किलोमीटर दूर माता समन तिराहा पर यात्री प्रतीक्षालय के सामने 20 से 25 ग्रामीणों ने अवैध शराब का परिवहन करते हुए एक पिकअप वाहन पकड़ लिया। इस वाहन में भारी मात्रा में अवैध शराब गुजरात पहुंचाई जा रही थी। जहां वाहन पकड़ा वहां से गुजरात की सीमा महज 2 किलोमीटर दूर है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस एवं आबकारी विभाग को दी, ग्रामीणों ने जब पिकअप वाहन पकड़ा तो इसके साथ एक बिना नंबर प्लेट और काले शीशे लगा एक बोलेरो वाहन भी चल रहा था।

बताया जा रहा है इसमें 5 से 6 लोग सवार थे। नहीं रुकने पर बोलेरो वाहन पर पथराव भी हुआ। जिसमें वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।कुछ दूरी पर चलने के बाद बोलेरो को भी ग्रामीणों ने पकड़ लिया। इस पूरे घटना क्रम में मौके का फायदा उठाकर पिकअप का चालक फरार हो गया। पिकअप में ड्राइवर के पास बैठे राणापुर निवासी विजय सोनी को ग्रामीणों ने रंगे हाथों पकड़ लिया, विजय पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार चालक प्रकाश प्रजापति फरार बताया जा रहा है।

पिकअप में कुल 5,19,700 रुपए की शराब थी

पिकअप क्रमांक जीजे 16 एक्स एक्स 2854 में ड्राइवर के साथ बैठे विजय पिता रतिराम सोनी को मुख्य आरोपी बनाते हुए पुलिस ने शराब जब्त की है। पुलिस इस मामले में राणापुर निवासी प्रकाश प्रजापत की तलाश कर रही है, जोकि पिकअप वाहन का चालक बताया जा रहा है।

ऐसे बनाई योजना

दरअसल कुछ महीनों से आदिवासी सामाजिक संगठनों के लोगों से समूह एवं आसपास रहने वाले ग्रामीण लगातार अवैध शराब के परिवहन की शिकायत कर रहे थे, गुजरात से सटा होने के कारण यहां से प्रतिदिन अवैध शराब सप्लाई हो रही थी। ग्रामीणों ने इस बात की जानकारी जब आदिवासी सामाजिक संगठनों को दी तो ग्रामीणों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से सभी लोगो ने वाहन को पकड़ा। भीलसेना के ब्लॉक अध्यक्ष भारत भूरिया ने बताया कि यशवंत यादव, विजय सोनी, प्रकाश प्रजापत को पकड़कर पुलिस को सौंपा था। पुलिस को 12 किलोमीटर दूर पहुंचने में डेढ़ घंटे का समय लग गया।

ग्रामीणों ने बताया कि 2 किलोमीटर आगे गुजरात सीमा लग रही है। यहां से शराब सीधे गुजरात सप्लाई की जाती है। वाहन में कुछ और लोग सवार थे, जो मौका देखकर अलग-अलग दिशाओं में भागे। कुछ लोगों के वीडियो भी बनाए गए हैं। इनमें से कुछ लोगों के आबकारी विभाग में होने की भी बात सामने आ रही है। यशवंत यादव मौके से भाग गया था। सिर्फ दो के खिलाफ एफआइआर दर्ज की। पुलिस ने यदि क्षेत्र में अवैध शराब का परिवहन नहीं रोका और आरोपियों को बचाने की कोशिश की तो हम आंदोलन करेंगे।

प्रत्यक्षदर्शी राकेश हटीला ने बताया कि पिकअप के साथ में बोलेरो वाहन को भी पकड़ा था, इसमें 4 लोग थे लेकिन वो भी फरार हो गए। पुलिस को एक पिकअप वाहन, एक बोलेरो और तीन आरोपी पकड़ कर दिए थे। पुलिस ने एक आरोपी पर केस दर्ज किया, एक को छोड़ दिया, एक को फरार बताया। साथ ही वाहन भी छोड़ दिया गया। आबकारी विभाग को भी सूचना की गई लेकिन विभाग से कोई भी व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा। पूरे मामले में पुलिस आरोपियों को बचाने में लगी रही।

यह है मामला

राणापुर से सुतिया टोल डूंगरा समोई टांडी होते हुए लगातार शराब का जखीरा गुजरात पहुंच रहा है। इस और आबकारी विभाग सख्त रुख अपना रहा है और ना ही पुलिस विभाग शराब माफिया तक पहुंचने के प्रयास कर रहा है।

ग्रामीणों ने हमसे इस संबंध में शिकायत नहीं की है, लेकिन पत्रिका के माध्यम से वाहन छोड़ने और आरोपियों के संबंध में जानकारी मिली है, इस पूरे मामले को दिखाते हैं।

-प्रेमलाल कुर्वे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला झाबुआ।

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