21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बस स्टैंड कॉम्प्लेक्स में दुकानों के आगे सामान रखते हैं व्यापारी, राहगीर परेशान

प्रतीक्षालय के पंखे बंद, साफ- सफाई का अभाव , यात्रियों और ग्राहकों को हो रही समस्या

2 min read
Google source verification

झाबुआ

image

Binod Singh

May 21, 2022

बस स्टैंड कॉम्प्लेक्स में दुकानों के आगे सामान रखते हैं व्यापारी, राहगीर परेशान

बस स्टैंड कॉम्प्लेक्स में दुकानों के आगे सामान रखते हैं व्यापारी, राहगीर परेशान

झाबुआ. बस स्टैंड की 17 दुकानों के व्यापारियों ने अपनी दुकान के आगे सामान जमा रखा है। दुकान के बाहर 10 फीट तक सामान जमा होने से राहगीरों को चलने में भी परेशानी हो रही है।
बता दें कि यह स्थान ग्राहकों के खड़े रहने , चलने फिरने के लिए नियत था। यहां बस का इंतजार करने वाले लोग भी खड़े रहा करते थे। गर्मियों में बस स्टैंड पर शेड नहीं है , छांव की तलाश में यहां यात्रियों का जमघट भी लगता है। नियमानुसार दुकानदार अपनी दुकान का सामान दुकान से बाहर नहीं रख सकता, लेकिन यहां 17 दुकानों के सामने ओटले पर हुए अतिक्रमण को हटाने की कोशिश भी नहीं की गई।
दुकानों के सामने लगा रहे ठेला गाडिय़ां : बस स्टैंड रेड जोन घोषित है बस स्टैंड पर किसी भी प्रकार की ठेला गाड़ी नहीं लगाई जा सकती,लेकिन झाबुआ बस स्टैंड पर 30 से 40 ठेला गाडिय़ां प्रतिदिन लग रही है। इससे तमाम तरह की असुविधाओं के साथ हादसों की संभावनाएं भी बन रही है। नगर पालिका द्वारा बनाए गए ऑकर जोन पर भी शेड नहीं लगा है। ठेकेदार बस स्टैंड पर ठेला गाडिय़ां खड़ी करने वालों से वसूली भी कर रहा है। इन्हें नियत स्थान देने पर किसी का ध्यान नहीं है।
यात्री प्रतीक्षालय के हाल बेहाल
बस स्टैंड में यात्री प्रतीक्षालय में आवारा मवेशियों का जमघट रहता है। बेंचे टूटी हुई है। यहां लगे पंखे एवं लाइट भी खराब हो चुके है। साफ-सफाई का भी अभाव रहता है, इस कारण यहां पर बस की प्रतीक्षा करने वाले लोग परेशान हो रहे हैं। लोगों की तुलना में बेंच भी कम लगी है। लोग गंदगी में अपना सामान रखकर उसपर ही बैठ रहे हैं। बस स्टैंड पर हाल ही में बनाया गया प्याऊ अभी तक शुरू नहीं हुआ है। जबकि कलेक्टर ने साफ निर्देश दिए थे कि बस स्टैंड पर तत्काल प्याऊ का निर्माण किया जाए। प्याऊ बनने के कारण यात्री प्रतीक्षालय के एक और आड़ लग गई है। अब लोग अंदर ही पाउच गुटखा थूक कर गंदगी फैला रहे हैं। अंदर फैली गंदगी के कारण तपती धूप में बसों का इंतजार करने वाले यात्री छांव तलाशते रहते है।